{"_id":"5a89d8184f1c1b4e588b9646","slug":"71518983192-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलेक्ट्रेट से रखी जा रही है परीक्षा केंद्रों पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलेक्ट्रेट से रखी जा रही है परीक्षा केंद्रों पर नजर
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। भदोही जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग हो रही है। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे को वाईफाई डीवीआर प्रणाली से जोड़कर जिलाधिकारी सारे केंद्रों पर खुद नजर रख रहे हैं। कलेक्ट्रेट में बने अपने कंट्रोल रूम से वह पूरे जिले में परीक्षा का हाल देखते रहते हैं और वहीं से निर्देश जारी करते हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं जिले में कुल 72 केंद्र पर हो रही हैं। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में की गई है, कंट्रोल रूम भी परीक्षा केंद्रों पर ही बनाए गए हैं। इससे फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं या नहीं, इसको लेकर भी सवाल उठ चुके हैं।
ऐसे में नकल विहीन परीक्षा कराने और नकल माफिया पर नकेल कसने के उद्देश्य से भदोही के जिलाधिकारी विशाख जी ने तकनीक के जरिये अनूठी तरकीब अपनाई है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रहे विशाख जी ने जिले के सारे परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को वाईफाई डीवीआर प्रणाली के जरिए कलेक्ट्रेट के एनआईसी स्थित कंट्रोल रूम से जोड़वा दिया। कलेक्ट्रेट में इसके लिए पूरा सेटअप बनाया गया है और कर्मचारी की तैनाती की गई है। इस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी के साथ जिलाधिकारी भी परीक्षा की लॉइव मॉनीटरिंग करते हैं। एक-एक कैमरे की फुटेज को वह बारी-बारी से देखकर परीक्षा का जायजा लेते हैं। गत दिनों एक परीक्षा केंद्र पर नकल कर रहे एक परीक्षार्थी को उन्होंने कंट्रोल रूम में कैमरे से देखा तो तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को बताया और नकलची पकड़ा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए यह तकनीक अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर कंट्रोल रूम हमारी जद में नहीं है तो फिर सीसीटीवी कैमरे का पूरा फायदा मिलने में गुंजाइश रह सकती है, क्योंकि परीक्षा केंद्रों में फुटेज से छेड़छाड़ हो सकती है। इससे किसी को ऐसा करने का मौका नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं जिले में कुल 72 केंद्र पर हो रही हैं। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में की गई है, कंट्रोल रूम भी परीक्षा केंद्रों पर ही बनाए गए हैं। इससे फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं या नहीं, इसको लेकर भी सवाल उठ चुके हैं।
विज्ञापन
ऐसे में नकल विहीन परीक्षा कराने और नकल माफिया पर नकेल कसने के उद्देश्य से भदोही के जिलाधिकारी विशाख जी ने तकनीक के जरिये अनूठी तरकीब अपनाई है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रहे विशाख जी ने जिले के सारे परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को वाईफाई डीवीआर प्रणाली के जरिए कलेक्ट्रेट के एनआईसी स्थित कंट्रोल रूम से जोड़वा दिया। कलेक्ट्रेट में इसके लिए पूरा सेटअप बनाया गया है और कर्मचारी की तैनाती की गई है। इस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी के साथ जिलाधिकारी भी परीक्षा की लॉइव मॉनीटरिंग करते हैं। एक-एक कैमरे की फुटेज को वह बारी-बारी से देखकर परीक्षा का जायजा लेते हैं। गत दिनों एक परीक्षा केंद्र पर नकल कर रहे एक परीक्षार्थी को उन्होंने कंट्रोल रूम में कैमरे से देखा तो तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को बताया और नकलची पकड़ा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए यह तकनीक अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर कंट्रोल रूम हमारी जद में नहीं है तो फिर सीसीटीवी कैमरे का पूरा फायदा मिलने में गुंजाइश रह सकती है, क्योंकि परीक्षा केंद्रों में फुटेज से छेड़छाड़ हो सकती है। इससे किसी को ऐसा करने का मौका नहीं मिलेगा।
विज्ञापन