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तू जाने या ना जाने दिलदारा...
Updated Sun, 18 Feb 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के युवा महोत्सव ‘उड़ान 18’ के दूसरे दिन को युवाओं ने अपनी सतरंगी प्रस्तुतियों से यादगार बना दिया। प्रतिभागियों ने यहां नृत्य, संगीत और अभिनय की अनुपम छटा बिखेरी तो समूचा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कोरियोग्राफी, क्रिएटिव डांस, लोकनृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियां इस युवा महोत्सव की साक्षी बनीं। जोश, जुनूून के साथ मस्ती और उल्लास के विविध रंग यहां देखने को मिले। सुर साज संग बेहतरीन अदा और अंदाज का भी जबरदस्त जादू बिखरा।
शनिवार को युवा महोत्सव का शुभारंभ पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र ने करते हुए अपनी खास प्रस्तुति दी। जिसमें ‘...खेले मसाने में होरी, ...काशी नगरी बी महिमा अपार’ गीत प्रस्तुत किया। वेस्टर्न वोकल सोलो में रोहन ने ‘तू जाने या ना जाने दिलदारा’ ने गीत गाकर युवा दिलों हलचल मचा दी। विशाल के ...चांदी जैसा रंग है तेरा गीत गाकर मुग्ध कर दिया। रत्नेशध दूबे ने ...काहे छेड़े मोहे पर शास्त्रीय नृत्य पेश कर समां बांधा। स्तुति ने ...मोहे रंग दो लाल पर उप शास्त्रीय नृत्य पेश कर तालियां बटोरीं।
कोरियोग्राफी में केशव व उसकी टीम ने देशभक्ति से ओतप्रोत वंदेमातरम पर फ्री डांस स्टाइल पेश किया। इसी तरह कालबेलिया नृत्य, रंगीलो म्हारो ढोलना पर भी छात्राओं ने बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुत दी। पद्मावत के घूमर पर अंजलि, आकांक्षा की बेहतरीन प्रस्तुति रही। सेतु नमन व उनकी टीम ने गिटार व ड्रम की जुगलबंदी के साथ वेस्टर्न सांग पेश किया। प्रांजल व परमिंदर ने ड्रम बजाकर अद्वितीय प्रदर्शन किया। इसी तरह मोनो एक्टिंग में एक शहीद पिता व बेटी के बीच के रिश्ते को बेहतरीन ढंग से दर्शाया गया। मिमिक्री में भी कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संचालन सूरज मणि, हर्ष, मीनू कुमारी, तरूण, अजय ने किया। डॉ .अवधेश मिश्र, डॉ.लल्लन प्रसाद, डॉ.विमल शंकर सिंह आदि का निर्देशन रहा।
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शनिवार को युवा महोत्सव का शुभारंभ पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र ने करते हुए अपनी खास प्रस्तुति दी। जिसमें ‘...खेले मसाने में होरी, ...काशी नगरी बी महिमा अपार’ गीत प्रस्तुत किया। वेस्टर्न वोकल सोलो में रोहन ने ‘तू जाने या ना जाने दिलदारा’ ने गीत गाकर युवा दिलों हलचल मचा दी। विशाल के ...चांदी जैसा रंग है तेरा गीत गाकर मुग्ध कर दिया। रत्नेशध दूबे ने ...काहे छेड़े मोहे पर शास्त्रीय नृत्य पेश कर समां बांधा। स्तुति ने ...मोहे रंग दो लाल पर उप शास्त्रीय नृत्य पेश कर तालियां बटोरीं।
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कोरियोग्राफी में केशव व उसकी टीम ने देशभक्ति से ओतप्रोत वंदेमातरम पर फ्री डांस स्टाइल पेश किया। इसी तरह कालबेलिया नृत्य, रंगीलो म्हारो ढोलना पर भी छात्राओं ने बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुत दी। पद्मावत के घूमर पर अंजलि, आकांक्षा की बेहतरीन प्रस्तुति रही। सेतु नमन व उनकी टीम ने गिटार व ड्रम की जुगलबंदी के साथ वेस्टर्न सांग पेश किया। प्रांजल व परमिंदर ने ड्रम बजाकर अद्वितीय प्रदर्शन किया। इसी तरह मोनो एक्टिंग में एक शहीद पिता व बेटी के बीच के रिश्ते को बेहतरीन ढंग से दर्शाया गया। मिमिक्री में भी कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संचालन सूरज मणि, हर्ष, मीनू कुमारी, तरूण, अजय ने किया। डॉ .अवधेश मिश्र, डॉ.लल्लन प्रसाद, डॉ.विमल शंकर सिंह आदि का निर्देशन रहा।
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