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तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति ने की गंगा आरती
Updated Mon, 01 Jan 2018 02:37 AM IST
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वाराणसी। नए साल के आगमन से पहले दशाश्वमेध घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट पर रविवार को विशेष आरती की गई। बीत रहे साल के अंतिम दिन छुट्टी होने के कारण आरती में शामिल होने वालों की संख्या अधिक थी। इस दौरान लोगों ने देश-प्रदेश में सुख-शांति की कामना की।
इसी दौरान तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसांग सांगेय, धर्म एवं संस्कृति मंत्री करमा गोलेक यूतोप और संसद के स्पीकर लोपोन सोनम टेनफिल सहित 200 प्रतिनिधियों ने भी दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखी। सभी लोगों ने विधि-विधान से गंगा का पूजन, दुग्धाभिषेक किया, मां गंगा के जयकारे लगाए और विश्व शांति के लिए कामना की। आचार्य रणधीर ने गंगा पूजन कराया।
रविवार की आरती के लिए खास तैयारियां की गई थीं। गंगा में चलने वाली नावों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था, जिस पर बैठकर घूमने के साथ ही लोगों ने गंगा आरती भी देखी। गंगा पार घुड़सवारी, रेत में खेलने वालों की भीड़ भी देर शाम तक लगी रही।
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इसी दौरान तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसांग सांगेय, धर्म एवं संस्कृति मंत्री करमा गोलेक यूतोप और संसद के स्पीकर लोपोन सोनम टेनफिल सहित 200 प्रतिनिधियों ने भी दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखी। सभी लोगों ने विधि-विधान से गंगा का पूजन, दुग्धाभिषेक किया, मां गंगा के जयकारे लगाए और विश्व शांति के लिए कामना की। आचार्य रणधीर ने गंगा पूजन कराया।
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रविवार की आरती के लिए खास तैयारियां की गई थीं। गंगा में चलने वाली नावों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था, जिस पर बैठकर घूमने के साथ ही लोगों ने गंगा आरती भी देखी। गंगा पार घुड़सवारी, रेत में खेलने वालों की भीड़ भी देर शाम तक लगी रही।
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