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तालाब की जमीन पर शौचालय बनवाना चाहता था अमरनाथ
Updated Thu, 07 Dec 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। संपूर्ण समाधान दिवस पर मंगलवार को राजातालाब तहसील पर जहर खाने वाले अमरनाथ की शिकायत जांच में सही नहीं पाई गई। जांच में पता चला है कि वह तालाब की जमीन पर शौचालय बनवा रहा था जिसका लोग विरोध कर रहे थे। इसे लेकर विवाद हुआ था। अमरनाथ को बैरवन गांव में एक भूखंड आवंटित किया गया था। जमीन पर लोहिया आवास बनाया जा रहा है। अमरनाथ मकान से दूर तालाब के पास शौचालय बनवाने के लिए खुदाई करवा रहे थे जिसे लेकर विवाद हुआ था।
तहसीलदार राजातालाब ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि बैरवन गांव में वह जांच करने गए थे। अमरनाथ को अपनी जमीन पर शौचालय बनवाना चाहिए। मारपीट की शिकायत पर पुलिस ने विपक्षी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गांव वालों का कहना है कि 2013 में गांव में झोपड़ी रखने को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद अमरनाथ और उसकी पत्नी ने आग लगा ली थी। इसमें अमरनाथ की पत्नी की मौत हो गई थी। वहीं अमरनाथ को बुधवार को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा से डिस्चार्ज कर दिया गया। उसने अधिकारियों के सामने ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। एंबुलेंस से उसे मंडलीय अस्पताल लाया गया जहां इमरजेंसी में कुछ देर इलाज के बाद उसे वार्ड नंबर सात में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार दोपहर में हालत ठीक होने पर वह घर चला गया।
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तहसीलदार राजातालाब ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि बैरवन गांव में वह जांच करने गए थे। अमरनाथ को अपनी जमीन पर शौचालय बनवाना चाहिए। मारपीट की शिकायत पर पुलिस ने विपक्षी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गांव वालों का कहना है कि 2013 में गांव में झोपड़ी रखने को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद अमरनाथ और उसकी पत्नी ने आग लगा ली थी। इसमें अमरनाथ की पत्नी की मौत हो गई थी। वहीं अमरनाथ को बुधवार को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा से डिस्चार्ज कर दिया गया। उसने अधिकारियों के सामने ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। एंबुलेंस से उसे मंडलीय अस्पताल लाया गया जहां इमरजेंसी में कुछ देर इलाज के बाद उसे वार्ड नंबर सात में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार दोपहर में हालत ठीक होने पर वह घर चला गया।
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