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शहर की सरकार बनाने निकलीं घर की ‘सरकार’
Updated Mon, 27 Nov 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। निकाय चुनाव में इस बार आधी आबादी के जोश ने लोगों को चौंका दिया। शहर की सरकार चुनने को घर की ‘सरकार’ संभालने वाली पूरे उत्साह और जोश के साथ निकलीं। सुबह से लेकर शाम तक लोकतंत्र के इस पर्व में आधी आबादी ने अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी दिखाई। खास तौर पर मुस्लिम इलाकों में महिलाओं ने जबरदस्त वोटिंग कर जागरूकता का परिचय दिया। ऐसे माना जा रहा है कि इस बार महापौर की सीट महिला आरक्षित होने की वजह से भी महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
रविवार को नगर निकाय चुनाव में आधी आबादी ने अपना पूरा दम दिखाया। चाहे बुजुर्ग हो या युवा, गृहणियां और कामकाजी महिलाएं मतदान को अपनी अहम जिम्मेदारी मानते हुए घरों से निकलीं और शहर की सरकार चुनी। सुबह के वक्त तो उनकी भीड़ कम नजर आई लेकिन दोपहर बाद अपने कामों से फारिग होकर उन्होंने अपने मत का उपयोग किया। शहर के विकास, शुद्ध पेयजल, सुव्यवस्थित सड़क जैसे मुद्दे पर काम करने वाले जुझारु पार्षद को चुनने में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई लेकिन इससे ज्यादा उनमें महिला महापौर चुनने में उत्साह दिखाया। महिलाओं की मानें तो महिला महापौर को चुनने की बात थी तो हम कैसे पीछे रहते। मुस्लिम इलाकों में महिलाओं की खासी भीड़ नजर आई। हालांकि इस बीच अफवाह ये भी उड़ाई गई कि कुछ मुस्लिम इलाकों में महिलाआें को वोट देने के लिए घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया।
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रविवार को नगर निकाय चुनाव में आधी आबादी ने अपना पूरा दम दिखाया। चाहे बुजुर्ग हो या युवा, गृहणियां और कामकाजी महिलाएं मतदान को अपनी अहम जिम्मेदारी मानते हुए घरों से निकलीं और शहर की सरकार चुनी। सुबह के वक्त तो उनकी भीड़ कम नजर आई लेकिन दोपहर बाद अपने कामों से फारिग होकर उन्होंने अपने मत का उपयोग किया। शहर के विकास, शुद्ध पेयजल, सुव्यवस्थित सड़क जैसे मुद्दे पर काम करने वाले जुझारु पार्षद को चुनने में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई लेकिन इससे ज्यादा उनमें महिला महापौर चुनने में उत्साह दिखाया। महिलाओं की मानें तो महिला महापौर को चुनने की बात थी तो हम कैसे पीछे रहते। मुस्लिम इलाकों में महिलाओं की खासी भीड़ नजर आई। हालांकि इस बीच अफवाह ये भी उड़ाई गई कि कुछ मुस्लिम इलाकों में महिलाआें को वोट देने के लिए घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया।
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