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‘धारा के विरुद्ध समय के साथ’ में महामना का जीवन दर्शन
Updated Fri, 08 Sep 2017 02:07 AM IST
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वाराणसी। महामना पं. मदन मोहन मालवीय के जीवन पर आधारित नाटक ‘धारा के विरुद्ध समय के साथ’ का पोस्टर गुरुवार को केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने जारी किया। इस नाटक का मंचन 14 सितंबर को केएन उडुप्पा सभागार में किया जाएगा।
कु लपति ने नाटक लेखन के लिए प्रो. मंजीत चतुर्वेदी और निर्देशन करने वाले सुमित श्रीवास्तव के इस प्रयास की सराहना की। ऐसा पहली बार हुआ जब विश्वविद्यालय में किसी नाटक का पोस्टर कुलपति द्वारा जारी किया गया। नाटक में उमेश भाटिया महामना की भूमिका में हैं। सर सुंदर लाल की भूमिका तृषित चटर्जी, एनी बेसेंट की भूमिका नीलम, पं. बृजनाथ की भूमिका यशवीर चौधरी अदा करेंगे। नाटक के केंद्र में महामना और बीएचयू है। निर्देशक सुमित ने बताया कि नाटक के दो प्रमुख भाग हैं। पहला भाग इस प्रश्न का उत्तर देता है कि राष्ट्र क्या है और दूसरा भाग इस प्रश्न का उत्तर खोजता है कि राष्ट्र कैसा होना चाहिए।
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कु लपति ने नाटक लेखन के लिए प्रो. मंजीत चतुर्वेदी और निर्देशन करने वाले सुमित श्रीवास्तव के इस प्रयास की सराहना की। ऐसा पहली बार हुआ जब विश्वविद्यालय में किसी नाटक का पोस्टर कुलपति द्वारा जारी किया गया। नाटक में उमेश भाटिया महामना की भूमिका में हैं। सर सुंदर लाल की भूमिका तृषित चटर्जी, एनी बेसेंट की भूमिका नीलम, पं. बृजनाथ की भूमिका यशवीर चौधरी अदा करेंगे। नाटक के केंद्र में महामना और बीएचयू है। निर्देशक सुमित ने बताया कि नाटक के दो प्रमुख भाग हैं। पहला भाग इस प्रश्न का उत्तर देता है कि राष्ट्र क्या है और दूसरा भाग इस प्रश्न का उत्तर खोजता है कि राष्ट्र कैसा होना चाहिए।
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