{"_id":"598781e74f1c1b671c8b48a0","slug":"71502052839-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूबे में खुलेंगे तीन फिजियोथेरेपी सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूबे में खुलेंगे तीन फिजियोथेरेपी सेंटर
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। प्रदेश में खिलाड़ियों की फिटनेस और इलाज सुविधाओं को बेहतर करने के लिए जल्द ही तीन अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर खोले जाएंगे। रविवार को यहां आए सूबे के खेल, युवा कल्याण तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने यह जानकारी दी। बताया कि ये सेंटर वाराणसी, लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खोले जाएंगे। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए शहरों से गांवों तक खेल संसाधन बढ़ाए जाएंगे। खिलाड़ियों के किट के लिए मिलने वाले भत्ते को भी एक हजार से बढ़ाकर ढाई हजार कर दिया गया है।
पराड़कर भवन में बातचीत के दौरान बताया कि प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। हर जिले में शहरी और ग्राम स्तर पर खेलों के आयोजन होेंगे। खिलाड़ियों को नौकरी के लिए कई अन्य विभागों में स्पोर्ट्स कोटा लाने की तैयारी है। इसके तहत नौ विभागों को जोड़ने का प्रारूप तैयार किया गया है।
संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा को इंटरनेशनल बनाने के सवाल पर मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बनारस में हर चीज इंटरनेशनल होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पराड़कर भवन में बातचीत के दौरान बताया कि प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। हर जिले में शहरी और ग्राम स्तर पर खेलों के आयोजन होेंगे। खिलाड़ियों को नौकरी के लिए कई अन्य विभागों में स्पोर्ट्स कोटा लाने की तैयारी है। इसके तहत नौ विभागों को जोड़ने का प्रारूप तैयार किया गया है।
विज्ञापन
संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा को इंटरनेशनल बनाने के सवाल पर मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बनारस में हर चीज इंटरनेशनल होनी चाहिए।
विज्ञापन