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चौथे दिन भी कपड़ा कारोबार ठप
Updated Fri, 14 Jul 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। वस्त्रों पर जीएसटी का विरोध जारी है। शहर में चौथे दिन भी कपड़ों से जुड़े प्रतिष्ठान बंद रहे। कारोबारियों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जताया। कारोबारियों का कहना है कि जब तक साड़ी से पांच प्रतिशत टैक्स नहीं हटाया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा। लगातार चार दिन की बंदी से करीब तीन सौ करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को नाटी इमली स्थित बुनकर कॉलोनी में महासभा का आह्वान किया गया है।
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन व बनारसी साड़ी डीलर एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों और बुनकरों ने रानीकुआं और मदनपुरा में धरना-प्रदर्शन किया। कपड़ा कारोबारियों का कहना था कि 70 साल से कपड़ा पर कोई टैक्स नही लगा था। मोदी सरकार ने कपड़े पर टैक्स लगा दिया। यहां हरिमोहन, देवेंद्र मोहन पाठक, विजय कपूर, हाजी अब्दुल रहीम, अतीम अंसारी, हाजी जियाउद्दीन, गौतम टंडन, बॉबी ब्रिज, संजय, रविशंकर मौजूद रहे। चौक क्षेत्र में लक्खी चौतरा, रानी कुआ, नंदन साहू, लेन, सत्ती चौतरा, कुंज गली, ठठेरी बाजार में साड़ी की दूकानों के शटर गिरे रहे। वहीं बड़ी बाजार, यूसमानपुर, हनुमान फाटक, छित्तनपुरा, सलारपुरा, मदनपुरा, लोहता आदि इलाकों में दूकानें बंद रहीं।
जीएसटी हटने तक होगा निर्णायक आंदोलन
लोहता। वस्त्र उद्योग पर जीएसटी के खिलाफ चल रहा मुर्री बंद आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को लोहता में हुई बुनकर महापंचायत में जीएसटी हटाने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। यह तय किया गया कि यदि मुर्री बंद के बाद भी जीएसटी नही हटता तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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अध्यक्षता चौतीसों के महतो गुलाम हैदर अंसारी एवं संचालन शमीम नोमानी ने किया। प्रमुख रूप से बाइसों के सरदार मो कलाम, अतीक अंसारी, गगन प्रकाश यादव, अनवारुल हक, भोलानाथ गुप्ता, सेराज अहमद, शंभू साव, हाजी अनीसुर्रहमान महतो, गुलाम रसूल महतो, कन्हैया सेठ, मतलूब सरदार, मतीन अंबानी, श्यामबाबू मौर्या मौजूद रहे।
इसी क्रम में बुनकर बिरादराना तंजीम पांचो की तरफ से छित्तनपुरा में सभा हुई। इसमें सरदार मुहम्मद मुरु शुदा, बाइसी केसरदार हाजी कलाम, हाजी निजामुद्दीन, हाजी ओकास अंसारी, मुबारक महतो, साजिद अंसारी, गुलशन अंसारी, अहमद अंसारी, अतीक अहमद अंसारी आदि रहे। इसी प्रकार कार्यालय सहायक आयुक्त हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग के कार्यालय में बुकनर फरीद अंसारी की अध्यक्षता में बुनकर व बुनकर सहकारी समितियों के प्रतिनिधि की बैठक हुई। इसमें हथकरघा पर जीएसटी न लगाए जाने पर बुनकरों ने एक स्वर में मांग किया। बैठक में नुरुल हसन अंसारी, अमरेश, जगन्नाथ, मुजम्मिल, इकबाल, कुद्दुस, नंदी, मुहर्रम आदि शामिल रहे।
कम पढ़े-लिखे बुनकर नहीं पूरी कर पाएंगे जीएसटी की जटिल प्रक्रिया
वाराणसी। जो बुनकर बड़ी मुश्किल से अपना घर चला रहे हैं वे भला कैसे जीएसटी नंबर लेंगे। वस्त्र डीलर्स और गद्दीदार सामान खरीदने के लिए उनसे जीएसटी नंबर मांग रहे हैं। आखिर कम पढ़े-लिखे बुनकर जटिल प्रक्रिया कैसे पूरी करेंगे। यह बात बुनकर पंचायत चौदहों के अध्यक्ष ने गुरुवार को पीलीकोठी स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि वस्त्र कारोबार से जीएसटी हटने तक आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्ष ने कहा कि शुक्रवार को विभिन्न मांगों वाला प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद बुनकरों की समस्या का निराकरण तथा शहर में अमन-चैन कायम रखने के लिए जुमा की नमाज के बाद मस्जिद नीम तल्ले तथा उससे लगायत छोटी मस्जिद कटेहर, बड़ी मस्जिद कटेहर, अंजुमन की मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे से एक साथ दुआख्वानी होगी। इसमें हाजी बदरूद्दीन, हाजी अब्दुल वहीद, हाजी सैयद हसन, मौलाना अब्दुल अजीज, हाजी अब्दुल लतीफ, हाजी रिजवान, इशरत उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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कारखाने से माल गोदाम तक के लिए जरूरी होगी चालान बुक
वाराणसी। काशी बिस्कुट एंड कंफेक्शनरी व्यापार मंडल के बैनर तले वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों के साथ जीएसटी पर परिचर्चा व संगोष्ठी हुई। इसमें जीएसटी से जुड़े प्रावधानों के साथ-साथ व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
मुख्य अतिथि एडिशनल कमिश्नर एके गोयल तथा ज्वाइंट कमिश्नर परितोष मिश्रा, आरएन पाल व बीके शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने व्यापारियों के सवालों का जवाब दिया। अध्यक्षता अजीत सिंह बग्गा व संचालन महामंत्री रमेश निरंकारी ने किया। जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर परिचर्चा हुई जिसमें बताया गया कि चालान बुक सिर्फ जॉब वर्क या कारखानों से माल गोदाम ले जाने तक ही सीमित होगी। साथ ही रजिस्टर्ड व्यापारी को अनरजिस्टर्ड व्यापारी से लेन-देन की सारी जिम्मेदारी उठानी होगी। इसमें मुख्य रूप से सुशील लखमानी, ओम प्रकाश गुप्ता, प्रमोद अग्रहरि, शन्नी जोहर, जय निहलानी, मनीष गुप्ता, साहिद कुरैशी, नीरज गुप्ता आदि शामिल रहे।
जरी व्यापार मंडल का एक शिष्टमंडल संरक्षक घनश्याम जायसवाल के नेतृत्व में गुरुवार को एडिशनल कमिश्नर एके गोयल से वाणिज्यकर स्थित उनके कार्यालय में मिला। उनको जरी का सैंपल दिखाया और बताया कि व्यापारी जीएसटी को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। एडिशनल कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जरी पर पांच प्रतिशत ही कर देय है। शिष्टमंडल में रामप्रकाश, ओमप्रकाश, शिवशंकर, ओमप्रकाश, अमूल्य, श्रीधर आदि शामिल रहे।
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बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन व बनारसी साड़ी डीलर एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों और बुनकरों ने रानीकुआं और मदनपुरा में धरना-प्रदर्शन किया। कपड़ा कारोबारियों का कहना था कि 70 साल से कपड़ा पर कोई टैक्स नही लगा था। मोदी सरकार ने कपड़े पर टैक्स लगा दिया। यहां हरिमोहन, देवेंद्र मोहन पाठक, विजय कपूर, हाजी अब्दुल रहीम, अतीम अंसारी, हाजी जियाउद्दीन, गौतम टंडन, बॉबी ब्रिज, संजय, रविशंकर मौजूद रहे। चौक क्षेत्र में लक्खी चौतरा, रानी कुआ, नंदन साहू, लेन, सत्ती चौतरा, कुंज गली, ठठेरी बाजार में साड़ी की दूकानों के शटर गिरे रहे। वहीं बड़ी बाजार, यूसमानपुर, हनुमान फाटक, छित्तनपुरा, सलारपुरा, मदनपुरा, लोहता आदि इलाकों में दूकानें बंद रहीं।
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जीएसटी हटने तक होगा निर्णायक आंदोलन
लोहता। वस्त्र उद्योग पर जीएसटी के खिलाफ चल रहा मुर्री बंद आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को लोहता में हुई बुनकर महापंचायत में जीएसटी हटाने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। यह तय किया गया कि यदि मुर्री बंद के बाद भी जीएसटी नही हटता तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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अध्यक्षता चौतीसों के महतो गुलाम हैदर अंसारी एवं संचालन शमीम नोमानी ने किया। प्रमुख रूप से बाइसों के सरदार मो कलाम, अतीक अंसारी, गगन प्रकाश यादव, अनवारुल हक, भोलानाथ गुप्ता, सेराज अहमद, शंभू साव, हाजी अनीसुर्रहमान महतो, गुलाम रसूल महतो, कन्हैया सेठ, मतलूब सरदार, मतीन अंबानी, श्यामबाबू मौर्या मौजूद रहे।
इसी क्रम में बुनकर बिरादराना तंजीम पांचो की तरफ से छित्तनपुरा में सभा हुई। इसमें सरदार मुहम्मद मुरु शुदा, बाइसी केसरदार हाजी कलाम, हाजी निजामुद्दीन, हाजी ओकास अंसारी, मुबारक महतो, साजिद अंसारी, गुलशन अंसारी, अहमद अंसारी, अतीक अहमद अंसारी आदि रहे। इसी प्रकार कार्यालय सहायक आयुक्त हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग के कार्यालय में बुकनर फरीद अंसारी की अध्यक्षता में बुनकर व बुनकर सहकारी समितियों के प्रतिनिधि की बैठक हुई। इसमें हथकरघा पर जीएसटी न लगाए जाने पर बुनकरों ने एक स्वर में मांग किया। बैठक में नुरुल हसन अंसारी, अमरेश, जगन्नाथ, मुजम्मिल, इकबाल, कुद्दुस, नंदी, मुहर्रम आदि शामिल रहे।
कम पढ़े-लिखे बुनकर नहीं पूरी कर पाएंगे जीएसटी की जटिल प्रक्रिया
वाराणसी। जो बुनकर बड़ी मुश्किल से अपना घर चला रहे हैं वे भला कैसे जीएसटी नंबर लेंगे। वस्त्र डीलर्स और गद्दीदार सामान खरीदने के लिए उनसे जीएसटी नंबर मांग रहे हैं। आखिर कम पढ़े-लिखे बुनकर जटिल प्रक्रिया कैसे पूरी करेंगे। यह बात बुनकर पंचायत चौदहों के अध्यक्ष ने गुरुवार को पीलीकोठी स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि वस्त्र कारोबार से जीएसटी हटने तक आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्ष ने कहा कि शुक्रवार को विभिन्न मांगों वाला प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद बुनकरों की समस्या का निराकरण तथा शहर में अमन-चैन कायम रखने के लिए जुमा की नमाज के बाद मस्जिद नीम तल्ले तथा उससे लगायत छोटी मस्जिद कटेहर, बड़ी मस्जिद कटेहर, अंजुमन की मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे से एक साथ दुआख्वानी होगी। इसमें हाजी बदरूद्दीन, हाजी अब्दुल वहीद, हाजी सैयद हसन, मौलाना अब्दुल अजीज, हाजी अब्दुल लतीफ, हाजी रिजवान, इशरत उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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कारखाने से माल गोदाम तक के लिए जरूरी होगी चालान बुक
वाराणसी। काशी बिस्कुट एंड कंफेक्शनरी व्यापार मंडल के बैनर तले वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों के साथ जीएसटी पर परिचर्चा व संगोष्ठी हुई। इसमें जीएसटी से जुड़े प्रावधानों के साथ-साथ व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
मुख्य अतिथि एडिशनल कमिश्नर एके गोयल तथा ज्वाइंट कमिश्नर परितोष मिश्रा, आरएन पाल व बीके शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने व्यापारियों के सवालों का जवाब दिया। अध्यक्षता अजीत सिंह बग्गा व संचालन महामंत्री रमेश निरंकारी ने किया। जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर परिचर्चा हुई जिसमें बताया गया कि चालान बुक सिर्फ जॉब वर्क या कारखानों से माल गोदाम ले जाने तक ही सीमित होगी। साथ ही रजिस्टर्ड व्यापारी को अनरजिस्टर्ड व्यापारी से लेन-देन की सारी जिम्मेदारी उठानी होगी। इसमें मुख्य रूप से सुशील लखमानी, ओम प्रकाश गुप्ता, प्रमोद अग्रहरि, शन्नी जोहर, जय निहलानी, मनीष गुप्ता, साहिद कुरैशी, नीरज गुप्ता आदि शामिल रहे।
जरी व्यापार मंडल का एक शिष्टमंडल संरक्षक घनश्याम जायसवाल के नेतृत्व में गुरुवार को एडिशनल कमिश्नर एके गोयल से वाणिज्यकर स्थित उनके कार्यालय में मिला। उनको जरी का सैंपल दिखाया और बताया कि व्यापारी जीएसटी को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। एडिशनल कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जरी पर पांच प्रतिशत ही कर देय है। शिष्टमंडल में रामप्रकाश, ओमप्रकाश, शिवशंकर, ओमप्रकाश, अमूल्य, श्रीधर आदि शामिल रहे।