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बारिश से फलों-सब्जियों के दाम आसमान पर
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:27 AM IST
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वाराणसी। पूर्वांचल सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में हफ्ते भर से बारिश का सिलसिला जारी रहने से फलों और सब्जियों के आवक पर व्यापक असर पड़ा है। सब्जियों और फलों के दाम में तेजी आ गई है। आम के सीजन का आखिरी होने से उसकी कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। वहीं, टमाटर के भाव दोगुने हो गए हैं। इसकी स्थानीय आवक नाम मात्र रह गई है। फिलहाल कर्नाटक से टमाटर यहां मंगाया जा रहा है।
अंगूर की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। खेतों में पानी लगने से स्थानीय स्तर पर हरी सब्जियों की उपज प्रभावित होने का असर उनकी कीमतों पर पड़ा है। आढ़ती डॉ. श्याम नारायण कुशवाहा के मुताबिक परिवहन और मंडी शुल्क के चलते कर्नाटक का टमाटर महंगा पड़ रहा है। बारिश के चलते टमाटर समेत अन्य सब्जियों और फलों की आवक भी समय पर नहीं हो पा रही है। उपज और आवक दोनों प्रभावित होने से कीमतें बढ़ी हैं। वहीं, मंडी सूत्रों के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद फल-सब्जी कारोबारियों का पक्के बिल पर काम करना भी कीमतों में आई बढ़ोतरी की एक वजह है। हालांकि पहले की ही तरह फल-सब्जी को कर दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन सजगता के मद्देनजर अब अधिकतर कारोबार पक्के बिल पर किया जा रहा है।
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अंगूर की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। खेतों में पानी लगने से स्थानीय स्तर पर हरी सब्जियों की उपज प्रभावित होने का असर उनकी कीमतों पर पड़ा है। आढ़ती डॉ. श्याम नारायण कुशवाहा के मुताबिक परिवहन और मंडी शुल्क के चलते कर्नाटक का टमाटर महंगा पड़ रहा है। बारिश के चलते टमाटर समेत अन्य सब्जियों और फलों की आवक भी समय पर नहीं हो पा रही है। उपज और आवक दोनों प्रभावित होने से कीमतें बढ़ी हैं। वहीं, मंडी सूत्रों के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद फल-सब्जी कारोबारियों का पक्के बिल पर काम करना भी कीमतों में आई बढ़ोतरी की एक वजह है। हालांकि पहले की ही तरह फल-सब्जी को कर दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन सजगता के मद्देनजर अब अधिकतर कारोबार पक्के बिल पर किया जा रहा है।
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