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तीन सड़कों का पौने छह लाख रुपये श्रमदान घोषित
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:43 PM IST
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हल्दी। विकास खंड बेलहरी के जवहीं गांव में ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक की मिली भगत से जॉब कार्ड धारक मजदूरों से न कराकर ट्रेक्टर ट्राली व जेसीबी के जरिए तीन सड़कों का निर्माण कार्य कराया गया था। जिसको अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसकी कुल स्वीकृत धनराशि पांच लाख 72 हजार दो सौ तीन रुपये थी। जिसे खंड विकास अधिकारी बेलहरी ने सोमवार को श्रमदान घोषित कर दिया है।
जवहीं गांव के ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने नियम कानून को ताक पर रखकर जाब कार्ड धारक मजदूर की जगह जेसीबी व ट्रैक्टर लगाकर मनरेगा योजना के तहत तीन सड़कों का निर्माण करा दिया था। जो क्रमश: गांव के विश्वनाथ चौबे के खेत से श्यामेश चौबे के खेत तक बंधा निर्माण कार्य एक लाख 88 हजार नौ सौ 12 रुपये, धर्म चौबे के घर से नकद हरिजन के घर तक बंधी कार्य एक लाख 97 हजार 257 रुपये व अछुता चौबे के खेत से धनजी चौबे के खेत तक एक लाख 86 हजार 34 रुपये का मनरेगा योजना के तहत विभाग द्वारा धनराशि स्वीकृत किया था। जिसके विरुद्ध ग्राम रोजगार सेवक जगत नरायण यादव व संदीप ओझा के शिकायती पत्र पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार ने खंड विकास अधिकारी, संजेश श्रीवास्तव को जांच करने को कहा। बीडीओ ने जांचोपरांत मजदूरों की जगह जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली से कार्य कराए जाना पाया। इसकी पुष्टि होने के बाद बीडीओ ने तीन कार्यों के स्वीकृत प्रस्तावित धनराशि को निरस्त कर दिया है और गलत तरीके से कराये गए कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया है।
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जवहीं गांव के ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने नियम कानून को ताक पर रखकर जाब कार्ड धारक मजदूर की जगह जेसीबी व ट्रैक्टर लगाकर मनरेगा योजना के तहत तीन सड़कों का निर्माण करा दिया था। जो क्रमश: गांव के विश्वनाथ चौबे के खेत से श्यामेश चौबे के खेत तक बंधा निर्माण कार्य एक लाख 88 हजार नौ सौ 12 रुपये, धर्म चौबे के घर से नकद हरिजन के घर तक बंधी कार्य एक लाख 97 हजार 257 रुपये व अछुता चौबे के खेत से धनजी चौबे के खेत तक एक लाख 86 हजार 34 रुपये का मनरेगा योजना के तहत विभाग द्वारा धनराशि स्वीकृत किया था। जिसके विरुद्ध ग्राम रोजगार सेवक जगत नरायण यादव व संदीप ओझा के शिकायती पत्र पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार ने खंड विकास अधिकारी, संजेश श्रीवास्तव को जांच करने को कहा। बीडीओ ने जांचोपरांत मजदूरों की जगह जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली से कार्य कराए जाना पाया। इसकी पुष्टि होने के बाद बीडीओ ने तीन कार्यों के स्वीकृत प्रस्तावित धनराशि को निरस्त कर दिया है और गलत तरीके से कराये गए कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया है।
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