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पुलिस की ढिलाई से ठिकाने लगाई काली कमाई
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:52 AM IST
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वाराणसी। पुलिस की अदूरदर्शिता के कारण आरएस यादव को अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने का मौका मिल गया। लखनऊ से लौटते समय शनिवार की शाम जौनपुर में आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद ही होटल और आवास पर छापेमारी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और इसकी सूचना आरएस के करीबियों तक भी पहुंच गई थी लेकिन चंदौली पुलिस ने देर कर दी। सूत्रों का दावा है कि शनिवार की रात के बजाए रविवार की दोपहर पहले होटल और उसके बाद घर पर जब छापा मारा गया, तब तक करोड़ों की नगदी और महंगे जेवरात हटाए जा चुके थे। ताज्जुब की बात है कि पुलिस के छापे में एक अंगूठी तक नहीं मिली।
नगदी के नाम पर भी आलमारी में केवल 14 हजार रुपये रखे मिले। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद ही छापे की आशंका के मद्देनजर आरएस के करीबी सतर्क हो गए थे। रात में छापेमारी न होने से उन्हें इसके लिए भरपूर मौका भी मिल गया। घर से तकरीबन तीन करोड़ रुपये और कीमती गहने हटा लिए गए। रविवार की दोपहर जब तक पुलिस टीम पहुंची तब तक काफी देर चुकी थी। जानकारों के मुताबिक पुलिस को संपत्ति की जांच का बहुत तजुर्बा भी नहीं है। आयकर या फिर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की टीम भी साथ होनी चाहिए थी। पता चला है कि आरएस यादव का आर्थिक प्रबंधन देखने वाले व्यक्ति ने काले धन को ठिकाने लगाया। प्रबंधन में कुछ ऐसे लोग जुड़े हैं, जिन्हें काला धन सफेद करने में महारत हासिल है।
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नगदी के नाम पर भी आलमारी में केवल 14 हजार रुपये रखे मिले। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद ही छापे की आशंका के मद्देनजर आरएस के करीबी सतर्क हो गए थे। रात में छापेमारी न होने से उन्हें इसके लिए भरपूर मौका भी मिल गया। घर से तकरीबन तीन करोड़ रुपये और कीमती गहने हटा लिए गए। रविवार की दोपहर जब तक पुलिस टीम पहुंची तब तक काफी देर चुकी थी। जानकारों के मुताबिक पुलिस को संपत्ति की जांच का बहुत तजुर्बा भी नहीं है। आयकर या फिर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की टीम भी साथ होनी चाहिए थी। पता चला है कि आरएस यादव का आर्थिक प्रबंधन देखने वाले व्यक्ति ने काले धन को ठिकाने लगाया। प्रबंधन में कुछ ऐसे लोग जुड़े हैं, जिन्हें काला धन सफेद करने में महारत हासिल है।
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