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वाराणसी में पैदा की जा सकती है 676 मेगावाट सौर ऊर्जा
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 21 May 2017 06:22 PM IST
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सोलर प्लांट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर से शनिवार को कैंटोमेंट स्थित एक होटल में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की कमी को दूर करने पर कार्यशाला हुई।
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सीड ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि बनारस में ऊर्जा समस्याओं का समाधान सौर ऊर्जा को अपना कर किया जा सकता है। शहर की 8.3 प्रतिशत छतों पर सोलर पैनल लगाकर 676 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है। जो प्रदूषण से मुक्त और सस्ती होगी।
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बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी और रामदत्त त्रिपाठी ने इस रिपोर्ट का लोकार्पण किया। सीड के सीईओ रमापति कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से पॉवर फार आल योजना के लिए एक समझौता किया है।
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पहले चरण के तहत 2025 तक 300 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा किया जा सकता है। सौर ऊर्जा के इस उत्पादन से न केवल उर्जा की बढ़ती मांग और सप्लाई के बीच अंतर को पाटा जा सकेगा, बल्कि जैविक ईंधन मसलन कोयला और डीजल से तैयार होने वाली बिजली से छुटकारा मिलेगा। इस मौके पर अभिषेक प्रताप, वीएन गुप्ता और मुन्ना झा मौजूद रहे।