{"_id":"5ad4f7ea4f1c1b5f098b4e46","slug":"61523906538-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन सीमा पर सुरक्षा में सेना सक्षम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन सीमा पर सुरक्षा में सेना सक्षम
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर/गोपीगंज। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्र ने कहा कि देश की सेना सीमा पर हर तरह की समस्या से निपटने में सक्षम है। चीन सीमा पर एक-एक इंच भूमि की सुरक्षा के लिए सेना हमेशा तत्पर रहती है। वर्ष 1962 में चीन ने हिंदी-चीनी भाई-भाई की अवधारणा के साथ धोखा दिया करते हुए हमारी पीठ पर हमला बोला था लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता। वह सोमवार को गोपीगंज क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव कठौता में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
घर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने गांव आए राज्यपाल ने कहा कि जब वह सेना में तैनात थे, तो ज्यादातर समय चीन सीमा पर ही रहे। देश की सीमाओं में सबसे संवेदनशील चीन की सीमा है, जहां आए दिन सीमा के मुद्दे पर विवाद होता रहता है। उन्होंने कहा कि चीन ने डोकलाम पर विवाद शुरू कर भारत को उलझाने का प्रयास किया था, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दृष्टिकोण के साथ डटे रहे। इसका प्रतिफल यह हुआ कि चीन को कदम पीछे खींचना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं सबसे संवेदनशील प्रदेश का राज्यपाल हूं। जहां भारत-चीन की सीमा है, वहां की एक-एक इंच जमीन की सुरक्षा के लिए मैं और मेरी सेना तत्पर है। इसके पूर्व कठौता पहुंचने पर उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वह देश हित के लिए काम करें। जहां रोशनी न हो, वहां चिराग जलाकर रोशनी करें। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी सचिंद्र पटेल, एएसपी डॉ. संजय कुमार, एसडीएम आशीष कुमार, सीओ बृजेश कुमार सिंह, पद्माकर मिश्रा, सुधाकर मिश्र, कलेक्टर सिंह, आनंद मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
घर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने गांव आए राज्यपाल ने कहा कि जब वह सेना में तैनात थे, तो ज्यादातर समय चीन सीमा पर ही रहे। देश की सीमाओं में सबसे संवेदनशील चीन की सीमा है, जहां आए दिन सीमा के मुद्दे पर विवाद होता रहता है। उन्होंने कहा कि चीन ने डोकलाम पर विवाद शुरू कर भारत को उलझाने का प्रयास किया था, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दृष्टिकोण के साथ डटे रहे। इसका प्रतिफल यह हुआ कि चीन को कदम पीछे खींचना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं सबसे संवेदनशील प्रदेश का राज्यपाल हूं। जहां भारत-चीन की सीमा है, वहां की एक-एक इंच जमीन की सुरक्षा के लिए मैं और मेरी सेना तत्पर है। इसके पूर्व कठौता पहुंचने पर उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वह देश हित के लिए काम करें। जहां रोशनी न हो, वहां चिराग जलाकर रोशनी करें। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी सचिंद्र पटेल, एएसपी डॉ. संजय कुमार, एसडीएम आशीष कुमार, सीओ बृजेश कुमार सिंह, पद्माकर मिश्रा, सुधाकर मिश्र, कलेक्टर सिंह, आनंद मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन