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सूबे में सवा चार लाख करोड़ के निवेश को उद्यमी तैयार
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। पिछले दिनों लखनऊ के इन्वेस्टर्स मीट में हुए एमओयू के आधार पर प्रदेश में सवा चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए उद्यमी आगे आए हैं। तय प्रक्रिया के तहत उद्योगों के विकास के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जो भी नए निवेश होंगे, उनमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड की विशेष भागीदारी होगी। इन क्षेत्रों में निवेश के लिए सरकार निवेशकों को अतिरिक्त सुविधाएं और छूट मुहैया करा रही है।
बुधवार को यहां प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत उद्यमियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों के लिए सरकार के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। सभी जिलों में भूमि बैंक स्थापित किए जाएंगे। औद्योगिक आस्थानों को और विकसित किया जाएगा।
बताया कि इन्वेस्टर्स मीट में हुए समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए जरूरत हुई तो औद्योगिक नीतियों में संशोधन किया जा सकता है। उद्योगों के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ ही बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त की जाएंगी। प्रदूषण का अनापत्ति प्रमाण और करार के मुताबिक़ सब्सिडी भी दी जाएगी। बताया कि उद्यमियों से यह संवाद सीएम के निर्देश पर किया जा रहा है। काशी में एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत सिल्क उत्पाद को चुना गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में कच्चा माल (रॉ मैटेरियल) बैंक की स्थापना की जाएगी। इन उत्पादों की बिक्री के लिए ई-पोर्टल व अमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि के जरिए ऑनलाइन प्लेटफार्म मुहैया कराया जाएगा।
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बुधवार को यहां प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत उद्यमियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों के लिए सरकार के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। सभी जिलों में भूमि बैंक स्थापित किए जाएंगे। औद्योगिक आस्थानों को और विकसित किया जाएगा।
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बताया कि इन्वेस्टर्स मीट में हुए समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए जरूरत हुई तो औद्योगिक नीतियों में संशोधन किया जा सकता है। उद्योगों के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ ही बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त की जाएंगी। प्रदूषण का अनापत्ति प्रमाण और करार के मुताबिक़ सब्सिडी भी दी जाएगी। बताया कि उद्यमियों से यह संवाद सीएम के निर्देश पर किया जा रहा है। काशी में एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत सिल्क उत्पाद को चुना गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में कच्चा माल (रॉ मैटेरियल) बैंक की स्थापना की जाएगी। इन उत्पादों की बिक्री के लिए ई-पोर्टल व अमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि के जरिए ऑनलाइन प्लेटफार्म मुहैया कराया जाएगा।
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