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तीन दिन पहले ही वाराणसी से नोएडा गए थे अमित 00
Updated Sat, 10 Mar 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी।
नोएडा में बदमाशों की गोली का निशाना बने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) के डीजीएम अमित पांडेय (42) का शव शुक्रवार को यहां कौशलपुरी कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंचा। शव देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हरिश्चंद्र घाट पर अमित का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता रिटायर्ड शिक्षक नर्दमेश्वर पांडेय ने दी। रोते-बिलखते परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदारों-परिचितों के साथ ही आसपास के लोग जुटे थे। गमगीन माहौल में कोई कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं था। अमित की हत्या क्यों हुई, परिवारीजन भी नहीं समझ पा रहे हैं। होली पर अमित घर आए थे। चार मार्च को ही वह नोएडा लौटे थे।
बलिया के कैथोलिया सिकंदरपुर के मूल निवासी नर्दमेश्वर पांडेय का लंका थाना अंतर्गत नासिरपुर क्षेत्र की कौशलपुरी कॉलोनी में मकान हैं। उनके बड़े बेटे अमित भेल में डीजीएम थे और नोएडा के सेक्टर 104 की सफायर द्वितीय सोसायटी में रहते थे। अमित के छोटे भाई सतेंद्र भी दिल्ली में नौकरी करते हैं और उन्हीं के साथ रहते थे। परिवारीजनों के अनुसार बुधवार की शाम करीब सात बजे अमित दिल्ली के लोधी मार्ग स्थित अपने आफिस से घर के लिए निकले थे। इसके बाद उनका पता नहीं चला। गुरुवार शाम उनका शव एक्सप्रेस-वे के किनारे नोएडा के सेक्टर 105 स्थित नाले में मिला। अमित की घड़ी, पर्स और मोबाइल की बरामदगी अब तक नहीं हो पाई है।
अमित के माता-पिता के अनुसार वह बेहद सरल स्वभाव के थे और कभी किसी से उनके विवाद जैसी बात भी सामने नहीं आई। पिता ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करे और कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। परिवारीजनों को ढांढस बंधाने बनारस भेल के डीजीएम एचआर संतोष गुप्ता भी पहुंचे थे। परिवारीजनों के मुताबिक अमित की शादी बनारस में ही हुई थी। पांच वर्ष पूर्व अमित और उनकी पत्नी के बीच तलाक हो गया था। उनके कोई संतान नहीं थी। इसके बाद अमित ने शादी नहीं की थी। परिवार के लोग और रिश्तेदारों में कुछ का कहना था कि लूट के लिए हत्या की गई तो कुछ का कहना था कि डीजीएम होने के कारण अमित ठेके वगैरह का काम भी देखते थे। आशंका है कि कोई ठेकेदार अमित से नाराज रहा हो और उसी ने हत्या करा दी हो।
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नोएडा में बदमाशों की गोली का निशाना बने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) के डीजीएम अमित पांडेय (42) का शव शुक्रवार को यहां कौशलपुरी कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंचा। शव देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हरिश्चंद्र घाट पर अमित का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता रिटायर्ड शिक्षक नर्दमेश्वर पांडेय ने दी। रोते-बिलखते परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदारों-परिचितों के साथ ही आसपास के लोग जुटे थे। गमगीन माहौल में कोई कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं था। अमित की हत्या क्यों हुई, परिवारीजन भी नहीं समझ पा रहे हैं। होली पर अमित घर आए थे। चार मार्च को ही वह नोएडा लौटे थे।
बलिया के कैथोलिया सिकंदरपुर के मूल निवासी नर्दमेश्वर पांडेय का लंका थाना अंतर्गत नासिरपुर क्षेत्र की कौशलपुरी कॉलोनी में मकान हैं। उनके बड़े बेटे अमित भेल में डीजीएम थे और नोएडा के सेक्टर 104 की सफायर द्वितीय सोसायटी में रहते थे। अमित के छोटे भाई सतेंद्र भी दिल्ली में नौकरी करते हैं और उन्हीं के साथ रहते थे। परिवारीजनों के अनुसार बुधवार की शाम करीब सात बजे अमित दिल्ली के लोधी मार्ग स्थित अपने आफिस से घर के लिए निकले थे। इसके बाद उनका पता नहीं चला। गुरुवार शाम उनका शव एक्सप्रेस-वे के किनारे नोएडा के सेक्टर 105 स्थित नाले में मिला। अमित की घड़ी, पर्स और मोबाइल की बरामदगी अब तक नहीं हो पाई है।
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अमित के माता-पिता के अनुसार वह बेहद सरल स्वभाव के थे और कभी किसी से उनके विवाद जैसी बात भी सामने नहीं आई। पिता ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करे और कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। परिवारीजनों को ढांढस बंधाने बनारस भेल के डीजीएम एचआर संतोष गुप्ता भी पहुंचे थे। परिवारीजनों के मुताबिक अमित की शादी बनारस में ही हुई थी। पांच वर्ष पूर्व अमित और उनकी पत्नी के बीच तलाक हो गया था। उनके कोई संतान नहीं थी। इसके बाद अमित ने शादी नहीं की थी। परिवार के लोग और रिश्तेदारों में कुछ का कहना था कि लूट के लिए हत्या की गई तो कुछ का कहना था कि डीजीएम होने के कारण अमित ठेके वगैरह का काम भी देखते थे। आशंका है कि कोई ठेकेदार अमित से नाराज रहा हो और उसी ने हत्या करा दी हो।
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