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शिक्षक निष्कासन की जांच करेंगे डीआईओएस
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। दयावंती पुंज मॉडल स्कूल में बिना नोटिस निकाले गए शिक्षकों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परेशान शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर उत्पीड़न की कहानी बयां की। डीआईओएस ने कहा कि वह प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
जिले के निजी विद्यालय शिक्षकों का शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शिक्षकों को मामूली मानदेय देकर उनसे पठन-पाठन कार्य कराया जा रहा है। यहीं नहीं बिना नोटिस के उनकों विद्यालय से निकाल भी दिया जा रहा है। बकाए वेतन का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।पिछले दिनों दयावंती पुंज माडल स्कूल सीतामढ़ी के कई शिक्षकों को बिना नोटिस निकाल दिया गया। 40 से 50 साल की उम्र पहुंच चुके शिक्षक काफी परेशान हो गए हैं। डीएम से लेकर शिक्षाधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, मगर उनकी कही सुनवाई नहीं हो रही है। जो अफसर कार्रवाई की बात करते हैं वह कुछ दिनों में ही कार्यक्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर मुकर जाते हैं। गुरुवार को शिक्षक राजकुमार पांडेय, आशीष कुमार मिश्र, शैलेश कुमार पांडेय, प्रशांत पांडेय और कामिनी मिश्र ने जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम किशोर वर्मा को पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई। कहा कि तीन माह पहले निकालने की नोटिस मिलनी चाहिए लेकिन मनमानी ढंग से निकाला गया। यही नहीं बकाए वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया।
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जिले के निजी विद्यालय शिक्षकों का शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शिक्षकों को मामूली मानदेय देकर उनसे पठन-पाठन कार्य कराया जा रहा है। यहीं नहीं बिना नोटिस के उनकों विद्यालय से निकाल भी दिया जा रहा है। बकाए वेतन का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।पिछले दिनों दयावंती पुंज माडल स्कूल सीतामढ़ी के कई शिक्षकों को बिना नोटिस निकाल दिया गया। 40 से 50 साल की उम्र पहुंच चुके शिक्षक काफी परेशान हो गए हैं। डीएम से लेकर शिक्षाधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, मगर उनकी कही सुनवाई नहीं हो रही है। जो अफसर कार्रवाई की बात करते हैं वह कुछ दिनों में ही कार्यक्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर मुकर जाते हैं। गुरुवार को शिक्षक राजकुमार पांडेय, आशीष कुमार मिश्र, शैलेश कुमार पांडेय, प्रशांत पांडेय और कामिनी मिश्र ने जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम किशोर वर्मा को पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई। कहा कि तीन माह पहले निकालने की नोटिस मिलनी चाहिए लेकिन मनमानी ढंग से निकाला गया। यही नहीं बकाए वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया।
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