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सजने लगा काशी का मिनी पंजाब, शुरू हुआ लंगर
Updated Fri, 26 Jan 2018 02:41 AM IST
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वाराणसी। संत रविदास की जन्मस्थली ने अब मिनी पंजाब का स्वरूप ग्रहण करना शुरू कर दिया है। संत रविदास के जन्मदिवस पर दुनिया भर से लाखों की संख्या में रैदासी सीर आते हैं। गुरुवार को भी सेवादारों के आने का सिलसिला जारी रहा। इसी के साथ सीर में लंगर शुरू हो गया है। बसों से रैदासियों के आने का सिलसिला पिछले सप्ताह से ही लगातार जारी है। अब तक एक हजार से अधिक सेवादार भी सीर पहुंच चुके हैं। एसडीएम ने भी मेले की तैयारियों का जायजा लिया।
तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में शामिल होने के लिए रविदास भक्तों का जत्था पहुंचने लगा है। मेले कि तैयारियां जोरों पर चल रही है। 31 जनवरी को संत रविदास की जयंती है। इसके चलते मंदिर को जहां रंग रोगन से चमका दिया गया है, वहीं देश दुनिया से आने वाले भक्तों के रहने और खाने के इंतजाम को भी अंजाम दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के मद्देनजर टेंट-कनात लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल सीर गोवर्धन में रहने वाले ग्रामीण अपने घर को गेस्ट हाउस में तब्दील कर देते हैं। वे सभी कमरों को खाली कर एक कमरे में शिफ्ट हो जाते हैं और बाकी कमरों को किराए पर उठा देते हैं। तीन दिनों के प्रवास के लिए पांच हजार से 10 हजार रुपए तक का किराया वसूल किया जा रहा है।
हर साल रविदास जंयती पर जुटते है लाखों रैदासी
संत रविदास जन्म स्थान मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजर के एन सरोवा के अनुसार, इस बार लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। हर बार की तरह इस बार भी बेगमपुरा एक्सप्रेस से श्रद्धालुओं का रेला जालंधर से 29 जनवरी को बनारस आएगा। इसके अलावा दूसरी गाडिय़ों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु दरबार में हाजिरी लगाने को आ रहे हैं। हजारों श्रद्धालु गुरु स्थान पर पहुंच भी गए हैं।
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तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में शामिल होने के लिए रविदास भक्तों का जत्था पहुंचने लगा है। मेले कि तैयारियां जोरों पर चल रही है। 31 जनवरी को संत रविदास की जयंती है। इसके चलते मंदिर को जहां रंग रोगन से चमका दिया गया है, वहीं देश दुनिया से आने वाले भक्तों के रहने और खाने के इंतजाम को भी अंजाम दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के मद्देनजर टेंट-कनात लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल सीर गोवर्धन में रहने वाले ग्रामीण अपने घर को गेस्ट हाउस में तब्दील कर देते हैं। वे सभी कमरों को खाली कर एक कमरे में शिफ्ट हो जाते हैं और बाकी कमरों को किराए पर उठा देते हैं। तीन दिनों के प्रवास के लिए पांच हजार से 10 हजार रुपए तक का किराया वसूल किया जा रहा है।
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हर साल रविदास जंयती पर जुटते है लाखों रैदासी
संत रविदास जन्म स्थान मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजर के एन सरोवा के अनुसार, इस बार लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। हर बार की तरह इस बार भी बेगमपुरा एक्सप्रेस से श्रद्धालुओं का रेला जालंधर से 29 जनवरी को बनारस आएगा। इसके अलावा दूसरी गाडिय़ों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु दरबार में हाजिरी लगाने को आ रहे हैं। हजारों श्रद्धालु गुरु स्थान पर पहुंच भी गए हैं।
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