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नाभा की ग्रेडिंग के लिए मानकों की चुनौती
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी। चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय को प्रदेश का पहला आयुष अस्पताल बनने के लिए मानकों की चुनौती से पार पाना होगा। नाभा के 590 मानक पूरा करने के बाद ही अच्छी ग्रेडिंग मिल सकती है। नेशनल एक्रि डेशन बोर्ड आफ हास्टिल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (नाभा) की दो सदस्यीय टीम दो दिन तक राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय का निरीक्षण कर शुक्रवार को लौट गई। अब टीम की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज की ग्रेडिंग होगी।
नाभा की टीम में दिल्ली से आए डॉ. अनुराग मित्तल और मुंबई के डॉ. ऋषिकेश गायतोंडे ने दो दिन तक आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। सदस्यों ने दवा वितरण व्यवस्था, बायोवेस्ट मैनेजमेंट, स्टाफ, रसोई आदि का निरीक्षण किया। साथ ही कॉलेज प्रशासन को मानकों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। समन्वयक डॉ. मनीष मिश्र ने टीम का सहयोग किया। मालूम हो कि महाविद्यालय प्रशासन ने एनएबीएच से ग्रेडिंग के लिए आवेदन किया था। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह का कहना है कि पूरे उत्तर भारत में अभी तक किसी को नाभा की ग्रेडिंग नहीं मिली है। अस्पताल में सुविधाएं अच्छी हैं, इसलिए अच्छी ग्रेडिंग प्राप्त करने में दिक्कत नहीं होगी। यदि हम सफल रहे तो काशी को प्रदेश के पहले आयुष अस्पताल की सौगात मिलेगी।
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नाभा की टीम में दिल्ली से आए डॉ. अनुराग मित्तल और मुंबई के डॉ. ऋषिकेश गायतोंडे ने दो दिन तक आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। सदस्यों ने दवा वितरण व्यवस्था, बायोवेस्ट मैनेजमेंट, स्टाफ, रसोई आदि का निरीक्षण किया। साथ ही कॉलेज प्रशासन को मानकों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। समन्वयक डॉ. मनीष मिश्र ने टीम का सहयोग किया। मालूम हो कि महाविद्यालय प्रशासन ने एनएबीएच से ग्रेडिंग के लिए आवेदन किया था। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह का कहना है कि पूरे उत्तर भारत में अभी तक किसी को नाभा की ग्रेडिंग नहीं मिली है। अस्पताल में सुविधाएं अच्छी हैं, इसलिए अच्छी ग्रेडिंग प्राप्त करने में दिक्कत नहीं होगी। यदि हम सफल रहे तो काशी को प्रदेश के पहले आयुष अस्पताल की सौगात मिलेगी।
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