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बढ़ सकते हैं परीक्षाओं के केंद्र, रखी जाएगी आनलाइन नजर
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की 25 फरवरी से शुरू हो रही वार्षिक परीक्षाओं में कुछ और केंद्रों के बढ़ने की संभावना है। प्रबंधकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कुलपति से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। इसके साथ ही परीक्षाओं पर ऑनलाइन नजर भी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम से लिंक होंगे। विश्वविद्यालय ने सभी परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी का यूआरएल मंगा लिया है।
स्ववित्तपोषित कॉलेजों की आपत्तियों के बाद काशी विद्यापीठ में कुछ और परीक्षा केंद्र बढ़ने की संभावना है। अभी 176 कॉलेजों में केंद्र हैं। इसमें 47 छात्राओं के लिए हैं। कुछ और स्ववित्तपोषित कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां सह शिक्षा (कोएजुकेशन) है। वहां की छात्राओं को अपने कालेज में परीक्षा देने की सुविधा मिल जाएगी। परीक्षा केंद्र घोषित होने के बाद निजी कालेजों की ओर से 36 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। स्ववित्तपोषित कॉलेज प्रबंधक एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेश्वर सिंह के नेतृत्व में कई कॉलेजों के प्रबंधकों ने कुलपति प्रो.टीएन सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताई। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि प्रबंधकों को कुछ भ्रम की स्थिति हो गई थी। बातचीत के बाद सारी स्थिति साफ हो गई और वह संतुष्ट होकर वापस चले गए। कु लसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय ने उन्हीं स्ववित्तपोषित कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया है, जिन्होंने अपनी सीसीटीवी का यूआरएल विश्वविद्यालय को दिया है।
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स्ववित्तपोषित कॉलेजों की आपत्तियों के बाद काशी विद्यापीठ में कुछ और परीक्षा केंद्र बढ़ने की संभावना है। अभी 176 कॉलेजों में केंद्र हैं। इसमें 47 छात्राओं के लिए हैं। कुछ और स्ववित्तपोषित कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां सह शिक्षा (कोएजुकेशन) है। वहां की छात्राओं को अपने कालेज में परीक्षा देने की सुविधा मिल जाएगी। परीक्षा केंद्र घोषित होने के बाद निजी कालेजों की ओर से 36 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। स्ववित्तपोषित कॉलेज प्रबंधक एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेश्वर सिंह के नेतृत्व में कई कॉलेजों के प्रबंधकों ने कुलपति प्रो.टीएन सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताई। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि प्रबंधकों को कुछ भ्रम की स्थिति हो गई थी। बातचीत के बाद सारी स्थिति साफ हो गई और वह संतुष्ट होकर वापस चले गए। कु लसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय ने उन्हीं स्ववित्तपोषित कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया है, जिन्होंने अपनी सीसीटीवी का यूआरएल विश्वविद्यालय को दिया है।
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