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पूर्व सांसद जवाहर और बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारेंट
Updated Wed, 05 Dec 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने चंदौली से सांसद रहे जवाहर जायसवाल और उसके बेटे गौरव जायसवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी किया है। उन पर बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अदालत ने यह आदेश दोनों आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में दी गई याचिका खारिज होने के बाद दिया है।
पीड़ित संत प्रसाद के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह की दलील थी कि याचिका खारिज होने के बावजूद आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाए। अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए सात फरवरी की तिथि नियत की है। प्रकरण के मुताबिक, दोनों आरोपियों के फरार होने की घोषणा के बाद हाईकोर्ट ने विवेचना पूर्ण होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इस बीच दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सम्मन जारी होने के बाद सीआरपीसी की धारा 482 के तहत मामले को खारिज किए संबंधी याचिका खारिज हो गई। दोनों पर आरोप है कि इनकी साजिश संत प्रसाद को मरवाने की थी। गलतफहमी में संत प्रसाद के भाई अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मी महेश जायसवाल की 23 अप्रैल 2012 को गोली मार कर हत्या कर दी गई। पीड़ित की याचिका पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोनों आरोपियों का नाम विवेचना में सामने आया था।
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पीड़ित संत प्रसाद के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह की दलील थी कि याचिका खारिज होने के बावजूद आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाए। अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए सात फरवरी की तिथि नियत की है। प्रकरण के मुताबिक, दोनों आरोपियों के फरार होने की घोषणा के बाद हाईकोर्ट ने विवेचना पूर्ण होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इस बीच दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सम्मन जारी होने के बाद सीआरपीसी की धारा 482 के तहत मामले को खारिज किए संबंधी याचिका खारिज हो गई। दोनों पर आरोप है कि इनकी साजिश संत प्रसाद को मरवाने की थी। गलतफहमी में संत प्रसाद के भाई अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मी महेश जायसवाल की 23 अप्रैल 2012 को गोली मार कर हत्या कर दी गई। पीड़ित की याचिका पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोनों आरोपियों का नाम विवेचना में सामने आया था।
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