{"_id":"5b5e24c84f1c1bde6d8b5366","slug":"51532896456-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुचीपूड़ी से बांधा समा, बटोरी तालियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुचीपूड़ी से बांधा समा, बटोरी तालियां
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू में शनिवार से चल रहे दो दिवसीय नेशनल क्लॉसिकल डांस फेस्टिवल शास्त्रीय नृत्यों के नाम रहा। दूसरे दिन भी हैदराबाद, तिरुपति, सूर्यपट आदि जगहों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का ध्यान खींचा तो दर्शक भी हर प्रस्तुति पर ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
मंच कला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में काशी तेलगु समिति के तत्वावधान में होने वाला आयोजन अपने आप में खास रहा। इसके माध्यम से जहां लोगों को शास्त्रीय नृत्यों की अलग-अलग विधाओं के बारे में जानने का मौका मिला वहीं बीएचयू में इस तरह का पहला आयोजन हुआ। इस दौरान सत्य वारा प्रसाद गारू, एम विजय दुर्गा ऐला, के ब्रमरंबा आदि ने भरतनाट्यम एवं कुचीपूड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। मृदंगम के विद्वान पद्मश्री यल्ला वेंकटेश्वर राव, एडीजी पीवी रामा शास्त्री, तेलुगु विभाग के अध्यक्ष प्रो. रामचंद्र मूर्ति, डी वेणु गोपाल, दृश्य कला संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शाह आदि अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
मंच कला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में काशी तेलगु समिति के तत्वावधान में होने वाला आयोजन अपने आप में खास रहा। इसके माध्यम से जहां लोगों को शास्त्रीय नृत्यों की अलग-अलग विधाओं के बारे में जानने का मौका मिला वहीं बीएचयू में इस तरह का पहला आयोजन हुआ। इस दौरान सत्य वारा प्रसाद गारू, एम विजय दुर्गा ऐला, के ब्रमरंबा आदि ने भरतनाट्यम एवं कुचीपूड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। मृदंगम के विद्वान पद्मश्री यल्ला वेंकटेश्वर राव, एडीजी पीवी रामा शास्त्री, तेलुगु विभाग के अध्यक्ष प्रो. रामचंद्र मूर्ति, डी वेणु गोपाल, दृश्य कला संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शाह आदि अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन