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चार महीने सड़कों-गलियों में और बजबजाएगा सीवर
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। शहरियों को सीवेज समस्या से निजात जल्दी नहीं मिलने वाली है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई/जल निगम की लापरवाही के चलते दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का 25 फीसदी काम बाकी है। काम को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने स्थलीय निरीक्षण और समीक्षा बैठक कर इसके लिए निर्देश दे चुके हैं।
जापान इंटरनेशनल कोआपरेशन एजेंसी (जायका) के तहत दीनापुर में पहले से बने 80 एमएलडी से बढ़ाकर 140 एमएलडी की क्षमता का बनाया जा रहा है। दो साल से काम चल रहा है। दो बार मियाद बढ़ाई जा चुकी है। बजट 90 करोड़ से बढ़ाकर 170 करोड़ कर दिया गया।
इसके तहत 10-12 लाख की आबादी का सीवेज चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन से होकर दीनापुर पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के हिदायत के बाद काम में तेजी आई फिर धीमी गति से काम के चलते मार्च तक काम पूरा नहीं हो पाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में काम मई तक पूरा हो सकता है। एसटीपी जून से पहले चालू होने की संभावना नहीं है।
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एसके वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी को तीन शिफ्ट में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी कारणों से काम में देरी हुई है। अब इसे अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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जापान इंटरनेशनल कोआपरेशन एजेंसी (जायका) के तहत दीनापुर में पहले से बने 80 एमएलडी से बढ़ाकर 140 एमएलडी की क्षमता का बनाया जा रहा है। दो साल से काम चल रहा है। दो बार मियाद बढ़ाई जा चुकी है। बजट 90 करोड़ से बढ़ाकर 170 करोड़ कर दिया गया।
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इसके तहत 10-12 लाख की आबादी का सीवेज चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन से होकर दीनापुर पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के हिदायत के बाद काम में तेजी आई फिर धीमी गति से काम के चलते मार्च तक काम पूरा नहीं हो पाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में काम मई तक पूरा हो सकता है। एसटीपी जून से पहले चालू होने की संभावना नहीं है।
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एसके वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी को तीन शिफ्ट में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी कारणों से काम में देरी हुई है। अब इसे अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य है।