{"_id":"59e3c23c4f1c1bce538b7abb","slug":"51508098620-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का चार दिन होगा दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का चार दिन होगा दर्शन
Updated Mon, 16 Oct 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। यम पंचक लगने के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत काशी में स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन से आरंभ होगी। धनतेरस के दिन 17 अक्तूबर को मां के स्वर्णिम स्वरूप का दर्शन होगा। इसी के साथ चार दिन तक देवी के कपाट आम भक्तों के लिए खुले रहेंगे। इसी के साथ पांच दिवसीय दीपदान का पर्व आरंभ हो जाएगा। काशी में वर्ष में सिर्फ एक बार धन तेरस पर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दरबार भक्तों के लिए खोला जाता है।
विश्वनाथ मंदिर से लगे अन्नपूर्णा मंदिर की पहली मंजिल पर जगत प्रतिपालिका का सोने का विग्रह विराजित है। धनतेसर के दिन सुबह षोडशोपचार पूजन के बाद मां की महा आरती होगी। नोटों की गड्डियों के अलावा सोने, चांदी, हीरे, मोती समेत अन्य रत्नों के आभूषणों के साथ मां की सविधि पूजा होगी। इसके बाद भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिए जाएंगे। भोग आरती के समय आधे घंटे के लिए मंदिर का पट बंद रहेगा। भोग आरती के बाद 12:30 बजे से फिर दर्शन शुरू होगा जो रात 11 बजे तक जारी रहेगा। मां की स्वर्णमयी प्रतिमा का दर्शन कर श्रद्धालु अन्न-धन का खजाना प्राप्त करेंगे। महंत रामेश्वरपुरी महाराज खजाना वितरित करेंगे।
काशी में एक बार दुर्भिक्ष पड़ने पर स्थिति विकट हो गई थी। तब ब्राह्मण पुरोहित धनंजय को लंबी यात्रा के दौरान मां अन्नपूर्णा ने दर्शन दिया था। धनंजय की प्रार्थना पर ही मां काशी में जगत के पालन के लिए अवतरित हुई थीं। धनतेसर पर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन की प्राचीन परंपरा है। - महंत रामेश्वरपुरी महाराज।
विज्ञापन
दो घंटे विशिष्ट जनों के लिए आरक्षित
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मां स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का सहज दर्शन कराया जाएगा। शाम पांच से सात बजे तक विशिष्ट जनों के लिए अलग रास्ता दिया जाएगा।
प्रतिबंधित वस्तुएं साथ लेकर न जाएं
माचिस, लाइटर, कैमरा, मोबाइल, चाकू, बीड़ी, नारियल, डिब्बा लेकर दर्शन के लिए कतार में न लगें। ऐसी प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर चलने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
धन तेरस पर महालक्ष्मी-अन्नपूर्णा श्रीयंत्र राज का पूजन
वाराणसी। शीतला घाट पर मां अन्नपूर्णा के दरबार को धनतेरस पर रत्नों, आभूषणों से सजाया जाएगा। मां की आराधना श्वेत कमल और स्वर्ण पुष्प से की जाएगी। इसी के साथ भक्तों को मां के खजाने का वितरण किया जाएगा। शीतला मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय ने बताया कि धनतेरस के दिन महालक्ष्मी अन्नपूर्णा यंत्रराज का पूजन किया जाएगा। इसके बाद धन-धान्य का वितरण किया जाएगाष 20 अक्तूबर की सुबह पांच से रात 11 बजे तक अन्नकूट की झांकी सजाई जाएगी।
विज्ञापन
विश्वनाथ मंदिर से लगे अन्नपूर्णा मंदिर की पहली मंजिल पर जगत प्रतिपालिका का सोने का विग्रह विराजित है। धनतेसर के दिन सुबह षोडशोपचार पूजन के बाद मां की महा आरती होगी। नोटों की गड्डियों के अलावा सोने, चांदी, हीरे, मोती समेत अन्य रत्नों के आभूषणों के साथ मां की सविधि पूजा होगी। इसके बाद भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिए जाएंगे। भोग आरती के समय आधे घंटे के लिए मंदिर का पट बंद रहेगा। भोग आरती के बाद 12:30 बजे से फिर दर्शन शुरू होगा जो रात 11 बजे तक जारी रहेगा। मां की स्वर्णमयी प्रतिमा का दर्शन कर श्रद्धालु अन्न-धन का खजाना प्राप्त करेंगे। महंत रामेश्वरपुरी महाराज खजाना वितरित करेंगे।
विज्ञापन
काशी में एक बार दुर्भिक्ष पड़ने पर स्थिति विकट हो गई थी। तब ब्राह्मण पुरोहित धनंजय को लंबी यात्रा के दौरान मां अन्नपूर्णा ने दर्शन दिया था। धनंजय की प्रार्थना पर ही मां काशी में जगत के पालन के लिए अवतरित हुई थीं। धनतेसर पर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन की प्राचीन परंपरा है। - महंत रामेश्वरपुरी महाराज।
विज्ञापन
दो घंटे विशिष्ट जनों के लिए आरक्षित
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मां स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का सहज दर्शन कराया जाएगा। शाम पांच से सात बजे तक विशिष्ट जनों के लिए अलग रास्ता दिया जाएगा।
प्रतिबंधित वस्तुएं साथ लेकर न जाएं
माचिस, लाइटर, कैमरा, मोबाइल, चाकू, बीड़ी, नारियल, डिब्बा लेकर दर्शन के लिए कतार में न लगें। ऐसी प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर चलने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
धन तेरस पर महालक्ष्मी-अन्नपूर्णा श्रीयंत्र राज का पूजन
वाराणसी। शीतला घाट पर मां अन्नपूर्णा के दरबार को धनतेरस पर रत्नों, आभूषणों से सजाया जाएगा। मां की आराधना श्वेत कमल और स्वर्ण पुष्प से की जाएगी। इसी के साथ भक्तों को मां के खजाने का वितरण किया जाएगा। शीतला मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय ने बताया कि धनतेरस के दिन महालक्ष्मी अन्नपूर्णा यंत्रराज का पूजन किया जाएगा। इसके बाद धन-धान्य का वितरण किया जाएगाष 20 अक्तूबर की सुबह पांच से रात 11 बजे तक अन्नकूट की झांकी सजाई जाएगी।