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प्रधानमंत्री बीएचयू को देंगे तीन तोहफा
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:27 AM IST
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर को अपने प्रस्तावित बनारस आगमन पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को तीन सौगातें देंगे। दो बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और एक का शिलान्यास। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र और चाणक्य सभागार लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार है। वैदिक विज्ञान केंद्र की आधारशिला रखने की भी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
महामना की तपोभूमि से प्रधानमंत्री के खास लगाव को देखते हुए संभावना यह भी जताई जा रही है कि दो दिनी प्रवास के दौरान वह बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। हालांकि अभी इस बारे में कोई अधिकृत सूचना नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और एसपीजी की ओर से प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की सूची फाइनल की जाएगी।
मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र महामना के सपनों को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र के जरिए न सिर्फ महामना के व्यक्तित्व और कृतित्व का प्रचार-प्रसार होगा बल्कि व्याख्यान, गोष्ठी, चर्चा-परिचर्चा के जरिए महामना के उद्देश्यों को फलीभूत करने की वैचारिक जमीन तैयार होगी। महामना के विचारों, उद्देश्यों को लिपिबद्ध कराया जाएगा। केंद्र में इस पर डिप्लोमा कोर्स भी संचालित होगा। वहीं, शिक्षा संकाय में नवनिर्मित चाणक्य सभागार कैंपस के स्वतंत्रता भवन के बाद दूसरा ऐसा सभागार है जो दो मंजिला है। 50 सीट का अलग सिनेट हॉल भी बना है।
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जिस वैदिक विज्ञान केंद्र की आधारशिला प्रधानमंत्री रखेंगे, वह अपने आप में दुनिया का अनूठा केंद्र होगा, जो आधुनिक वैज्ञानिक संदर्भों में प्राच्य एवं वैदिक ज्ञान-विज्ञान के पठन-पाठन और अनुसंधान के लिए समर्पित होगा। प्रधानमंत्री के आगमन में हफ्ते भर का समय रह गया है, लिहाजा विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारियां तेज कर दी हैं। विश्वविद्यालय परिवार प्रधानमंत्री की ओर से मिलने वाली इन तीन सौगातों को लेकर बेहद उत्साहित है।
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महामना की तपोभूमि से प्रधानमंत्री के खास लगाव को देखते हुए संभावना यह भी जताई जा रही है कि दो दिनी प्रवास के दौरान वह बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। हालांकि अभी इस बारे में कोई अधिकृत सूचना नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और एसपीजी की ओर से प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की सूची फाइनल की जाएगी।
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मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र महामना के सपनों को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र के जरिए न सिर्फ महामना के व्यक्तित्व और कृतित्व का प्रचार-प्रसार होगा बल्कि व्याख्यान, गोष्ठी, चर्चा-परिचर्चा के जरिए महामना के उद्देश्यों को फलीभूत करने की वैचारिक जमीन तैयार होगी। महामना के विचारों, उद्देश्यों को लिपिबद्ध कराया जाएगा। केंद्र में इस पर डिप्लोमा कोर्स भी संचालित होगा। वहीं, शिक्षा संकाय में नवनिर्मित चाणक्य सभागार कैंपस के स्वतंत्रता भवन के बाद दूसरा ऐसा सभागार है जो दो मंजिला है। 50 सीट का अलग सिनेट हॉल भी बना है।
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जिस वैदिक विज्ञान केंद्र की आधारशिला प्रधानमंत्री रखेंगे, वह अपने आप में दुनिया का अनूठा केंद्र होगा, जो आधुनिक वैज्ञानिक संदर्भों में प्राच्य एवं वैदिक ज्ञान-विज्ञान के पठन-पाठन और अनुसंधान के लिए समर्पित होगा। प्रधानमंत्री के आगमन में हफ्ते भर का समय रह गया है, लिहाजा विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारियां तेज कर दी हैं। विश्वविद्यालय परिवार प्रधानमंत्री की ओर से मिलने वाली इन तीन सौगातों को लेकर बेहद उत्साहित है।