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कालेजों में दाखिला आसान नहीं
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:27 AM IST
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चंदौली। सभी बोर्ड ने कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। कम सीटों पर अधिक उम्मीदवार होने से उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों में कड़ी स्पर्धा होगी। खासकर जिले में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के संसाधन काफी कम हैं। ऐसे में विज्ञान वर्ग के साथ उच्च शिक्षा हासिल करने वालों को वाराणसी व अन्य जनपदों का रुख करना होगा। वहीं कला वर्ग के विद्यार्थियों को भी अच्छे कालेजों के लिए जद्दोजहद करनी होगी। एक अनुमान के मुताबिक लगभग दस हजार विद्यार्थियों को बाहर का रुख करना होगा।
जनपद में कुल 60 महाविद्यालय हैं। इसमें 18 महाविद्यालय केवल बालिकाओं की शिक्षा के लिए हैं। इन महाविद्यालयों में करीब 16000 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकांश महाविद्यालयों में कला की पढ़ाई होती है, जबकि मात्र पांच महाविद्यालयों में कामर्स व विज्ञान वर्ग की पढ़ाई होती है। दूसरी तरफ इस वर्ष अकेले यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट में 22241 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से पास छात्रों को मिलाकर इंटर उत्तीर्ण विद्यार्थियों का आंकड़ा 25 हजार के पार हो जाता है। इस संबंध में डीआईओएस डा. पारसनाथ का कहना है कि उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थान वाराणसी से संचालित होते हैं। इंटरमीडिएट के बाद महाविद्यालयों में दाखिले की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होती है।
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जनपद में कुल 60 महाविद्यालय हैं। इसमें 18 महाविद्यालय केवल बालिकाओं की शिक्षा के लिए हैं। इन महाविद्यालयों में करीब 16000 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकांश महाविद्यालयों में कला की पढ़ाई होती है, जबकि मात्र पांच महाविद्यालयों में कामर्स व विज्ञान वर्ग की पढ़ाई होती है। दूसरी तरफ इस वर्ष अकेले यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट में 22241 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से पास छात्रों को मिलाकर इंटर उत्तीर्ण विद्यार्थियों का आंकड़ा 25 हजार के पार हो जाता है। इस संबंध में डीआईओएस डा. पारसनाथ का कहना है कि उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थान वाराणसी से संचालित होते हैं। इंटरमीडिएट के बाद महाविद्यालयों में दाखिले की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होती है।
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