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46 दिन बाद समुद्री लुटेरों से मुक्त होकर घर पहुंचे इंजीनियर संतोष
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 12 May 2016 02:17 AM IST
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अपने घर पर परिवार के साथ इंजीनियर।
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नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए इंजीनियर संतोष कुमार भारद्वाज 46 दिन बाद बुधवार की रात मंडुवाडीह स्थित अपने घर पहुंचे। पत्नी समेत पूरा परिवार उन्हें लेने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट गया था। उनकी रिहाई पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मुझे सूचित करते हुए अत्यंत खुशी है कि संतोष भारद्वाज नाइजीरिया में समुद्री डाकुओं से छूट गए हैं। परिवार के लोगों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुषमा स्वराज का आभार जताया है।
बिहार के मूल निवासी संतोष कुमार भारद्वाज मंडुवाडीह केे कंदवा में रहते हैं। वह सिंगापुर की शिपिंग कंपनी ट्रांसओशन प्राइवेट लिमिटेड में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। 26 मार्च को वह साथियों के साथ मालवाहक जहाज लेकर नाइजीरिया बंदरगाह से निकले थे।
इसी दिन नाइजीरिया की सीमा में समुद्री लुटेरों ने संतोष समेत पांच लोगों को अगवा कर लिया। संतोष की पत्नी कंचन और मर्चेंट नेवी वेलफेयर सोसाइटी भी रिहाई के लिए लगातार प्रयासरत थे। पीएम के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन देने के साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी संपर्क किया गया था। सरकार के दबाव की वजह से ही डाकुओं ने संतोष समेत सभी पांच लोगों को आजाद किया। बुधवार की दोपहर संतोष मुंबई पहुंचे। मुंबई से देर शाम करीब 7:30 बाबतपुर एयरपोर्ट और रात करीब 8:45 बजे मंडुवाडीह स्थित अपने घर पहुंचे।
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बिहार के मूल निवासी संतोष कुमार भारद्वाज मंडुवाडीह केे कंदवा में रहते हैं। वह सिंगापुर की शिपिंग कंपनी ट्रांसओशन प्राइवेट लिमिटेड में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। 26 मार्च को वह साथियों के साथ मालवाहक जहाज लेकर नाइजीरिया बंदरगाह से निकले थे।
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इसी दिन नाइजीरिया की सीमा में समुद्री लुटेरों ने संतोष समेत पांच लोगों को अगवा कर लिया। संतोष की पत्नी कंचन और मर्चेंट नेवी वेलफेयर सोसाइटी भी रिहाई के लिए लगातार प्रयासरत थे। पीएम के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन देने के साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी संपर्क किया गया था। सरकार के दबाव की वजह से ही डाकुओं ने संतोष समेत सभी पांच लोगों को आजाद किया। बुधवार की दोपहर संतोष मुंबई पहुंचे। मुंबई से देर शाम करीब 7:30 बाबतपुर एयरपोर्ट और रात करीब 8:45 बजे मंडुवाडीह स्थित अपने घर पहुंचे।
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