{"_id":"69e53ba5729003dbff0caa2b","slug":"442-degrees-kashi-becomes-the-countrys-seventh-hottest-city-yellow-alert-for-heatwave-over-the-next-4-days-varanasi-news-c-20-vns1021-1363722-2026-04-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi Weather: झुलसाने लगी गर्मी, 44.2 डिग्री के साथ वाराणसी देश का 7वां सबसे गर्म शहर, चार दिन लू का अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi Weather: झुलसाने लगी गर्मी, 44.2 डिग्री के साथ वाराणसी देश का 7वां सबसे गर्म शहर, चार दिन लू का अलर्ट
Mon, 20 Apr 2026 02:01 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:01 AM IST
सार
वाराणसी समेत आसपास के जिलों में झुलसाने वाली गर्मी पड़ने लगी है। तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी से लोगों को बुरा हाल है। रविवार को 44.2 डिग्री के साथ वाराणसी देश का 7वां सबसे गर्म शहर रहा।
विज्ञापन
भीषण गर्मी के कारण घाटों पर पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आसमान से धूप की बेरहमी काशीवासियों पर ऐसी बरसी कि अप्रैल महीना मई-जून जैसी गर्मी का रिकॉर्ड बनाने लगा। एंटी-साइक्लोनिक स्थिति और लू के चलते बनारस रविवार को देश का सातवां और प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ भारत के सबसे गर्म शहर अकोला से पारा सिर्फ 0.8 डिग्री कम रहा। अब अगले चार दिनों तक बनारस में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।
रविवार को बनारस का पारा अपने ऑल टाइम रिकॉर्ड 45.3 डिग्री से सिर्फ 1.1 डिग्री कम रहा। वहीं, पिछले साल 26 अप्रैल को भी तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक गया था। उससे पहले 2019 में 45.3 डिग्री तक पहुंचा था, जो कि शहर का ऑल टाइम रिकॉर्ड है।
रविवार को साल में पहली बार पूरा शहर हीट वेव की चपेट में आया। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ऊपर रहा। 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बही पछुआ ने लू का रूप ले लिया और हवा ब्लोअर के समान शरीर को करीब 10 घंटे तक झुलसाती रही। सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक यात्री, पर्यटक और आम लोग परेशान रहे। रविवार रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ऊपर रहा। रात में 23.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को बनारस का पारा अपने ऑल टाइम रिकॉर्ड 45.3 डिग्री से सिर्फ 1.1 डिग्री कम रहा। वहीं, पिछले साल 26 अप्रैल को भी तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक गया था। उससे पहले 2019 में 45.3 डिग्री तक पहुंचा था, जो कि शहर का ऑल टाइम रिकॉर्ड है।
विज्ञापन
रविवार को साल में पहली बार पूरा शहर हीट वेव की चपेट में आया। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ऊपर रहा। 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बही पछुआ ने लू का रूप ले लिया और हवा ब्लोअर के समान शरीर को करीब 10 घंटे तक झुलसाती रही। सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक यात्री, पर्यटक और आम लोग परेशान रहे। रविवार रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ऊपर रहा। रात में 23.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
विज्ञापन
अगले 4-5 दिन गर्म रात के भी आसार
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने अगले 4-5 दिनों में गर्म रातों के लिए आगाह किया है। उन्होंने कहा कि रात का पारा भी सामान्य से चार डिग्री तक ऊपर जा सकता है। वहीं, 23 अप्रैल तक हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निचले क्षोभमंडल में आ रही शुष्क पछुआ हवाओं के साथ महाराष्ट्र में बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से तापमान बढ़ा है। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र को छोड़कर प्रदेश भर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर ही रहने वाला है।
इसे भी पढ़ें; Varanasi: पुराने विवाद में खूनी संघर्ष, कहासुनी के बाद फूल-माला बेचने वाले की पीटकर हत्या; परिजनों का हंगामा
बेरहम धूप के चलते लोगों ने घाटों से किया किनारा
शहर में बेरहम धूप और भीषण गर्मी के चलते लोगों ने सड़कों, पार्क और घाटों से किनारा कर लिया। वहीं, गंगा में बोटिंग करने वालों को तपिश के साथ उमस ने भी बेहाल कर दिया। हवा में नमी महज 30 फीसदी थी, लेकिन गंगा किनारे 60 फीसदी तक महसूस की गई। अप्रैल में इतनी अचानक गर्मी बढ़ने से लोग हैरान भी दिखे। बिना शरीर को ढंककर बाहर निकलने वालों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। हीट स्ट्रोक और लू लगने की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान सड़क पर वाहनों की संख्या शाम छह बजे तक काफी कम रही।
इसे भी पढ़ें; Varanasi: पुराने विवाद में खूनी संघर्ष, कहासुनी के बाद फूल-माला बेचने वाले की पीटकर हत्या; परिजनों का हंगामा
बेरहम धूप के चलते लोगों ने घाटों से किया किनारा
शहर में बेरहम धूप और भीषण गर्मी के चलते लोगों ने सड़कों, पार्क और घाटों से किनारा कर लिया। वहीं, गंगा में बोटिंग करने वालों को तपिश के साथ उमस ने भी बेहाल कर दिया। हवा में नमी महज 30 फीसदी थी, लेकिन गंगा किनारे 60 फीसदी तक महसूस की गई। अप्रैल में इतनी अचानक गर्मी बढ़ने से लोग हैरान भी दिखे। बिना शरीर को ढंककर बाहर निकलने वालों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। हीट स्ट्रोक और लू लगने की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान सड़क पर वाहनों की संख्या शाम छह बजे तक काफी कम रही।