वाराणसी: 24 घंटे में 42 मिमी हुई बारिश, 30 डिग्री के नीचे आया अधिकतम तापमान
वाराणसी में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। तो वहीं सड़कों पर जलभराव हो गया है। साथ ही बाढ़ ने भी तटीय इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है।
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वाराणसी में सावन के शुरुआत में जिस तरह बारिश हुई थी, ठीक उसी तरह बुधवार को हुई झमाझम बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया है। लंबे समय बाद ऐसा दिन रहा जब धूप नहीं निकली। बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम में इस बदलाव की वजह से अधिकतम तापमान भी कम होकर 30 डिग्री सेल्सियस से कम होकर 29 पर आ गया।
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 42 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 से कम होकर 24.1 तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक अभी तीन दिन ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है।
बारिश से जलभराव, कई जगह लगा जाम
शहर के कई इलाकों में बुधवार को बारिश का पानी भरने से लोग घंटों जाम में फंसे रहे। सुबह तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। जलभराव से लोगों के वाहनों में पानी घुस गया। जिससे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। बंद वाहनों के पीछे वाहनों की लंबी कतारें लगती गई।
बारिश के चलते अंधरापुल स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कमर भर पानी लग गया। जिससे नदेसर मस्जिद, चौकाघाट, तेलियाबाग और रोडवेज तक लंबा जाम लग गया। जाम में रोडवेज की कई बसें भी फंस गई। कैंट की ओर से आने वाले लोगों को भी जाम का सामना करना पड़ा। नई सड़क, गोदौलिया और गिरजाघर इलाके में भी बारिश पानी जमा हो गया। बेनिया, लक्सा, गोदौलिया, और सोनारपुरा जाने वाले मार्ग पर काफी देर तक जाम लगा रहा।
बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी
वाराणसी में बाढ़ से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। गंगा और वरुणा पलट प्रवाह के कारण खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शहर के निचले और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ से हाहाकार मचा है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर की तरफ बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार सुबह सात बजे तक वाराणसी में गंगा का जलस्तर 72.01 मीटर पर था। इसमें एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। काशी में गंगा की धारा तबाही मचाने की राह निकल पड़ी है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे 72.02 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (71.26 मीटर) से 76 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके बाद गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी था। दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 72.06, तीन बजे 72.09 और शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 72.12 मीटर तक पहुंच गया।