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हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद जवाहर के पास हैं लाइसेंसी असलहे
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वाराणसी। हत्या के मामले में फरार चल रहा पूर्व सांसद और 25 हजार का इनामी जवाहर जायसवाल कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर है, इसके बावजूद उसके पास लाइसेंसी असलहे हैं। हिस्ट्रीशीटर और गंभीर किस्म के आपराधिक मामलों के आरोपी जवाहर के असलहों का लाइसेंस निरस्त कराने की कोशिश कभी कैंट थाने की पुलिस की ओर से नहीं की गई। अदालत का रुख सख्त हुआ तो पुलिस हरकत में आई और अब जवाहर के दोनों असलहों का लाइसेंस निरस्त कराने की कवायद चल रही है।
प्रदेश में पिछली सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पुलिस और प्रशासनिक महकमे में जवाहर की अच्छीखासी हनक थी। बताया जाता है कि इसी वजह से बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या के मामले में जवाहर और उसके बेटे गौरव के खिलाफ कैंट पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि महेश के भाई गुड्डू ने हार नहीं मानी और वह हाईकोर्ट की शरण में गया। हाईकोर्ट के आदेश पर जवाहर व गौरव का नाम विवेचना में शामिल कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और बीते दिसंबर महीने में गैर जमानती वारंट जारी हुआ तो दोनों घर छोड़ कर भाग निकले। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि पूर्व में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। फिलहाल जवाहर और गौरव पर पुलिस की ओर से इनाम घोषित है। हिस्ट्रीशीटर होने के कारण जवाहर के दोनों असलहों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेज दी गई है।
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प्रदेश में पिछली सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पुलिस और प्रशासनिक महकमे में जवाहर की अच्छीखासी हनक थी। बताया जाता है कि इसी वजह से बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या के मामले में जवाहर और उसके बेटे गौरव के खिलाफ कैंट पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि महेश के भाई गुड्डू ने हार नहीं मानी और वह हाईकोर्ट की शरण में गया। हाईकोर्ट के आदेश पर जवाहर व गौरव का नाम विवेचना में शामिल कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और बीते दिसंबर महीने में गैर जमानती वारंट जारी हुआ तो दोनों घर छोड़ कर भाग निकले। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि पूर्व में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। फिलहाल जवाहर और गौरव पर पुलिस की ओर से इनाम घोषित है। हिस्ट्रीशीटर होने के कारण जवाहर के दोनों असलहों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेज दी गई है।
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