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200 मजरों में नहीं पहुंच पाई बिजली
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत हर घर को रोशन करने की मुहिम जिले में कच्छप गति से चल रही है। करीब दो साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी 200 मजरों में बिजली नहीं पहुंच सकी। कई मजरों में खंभे लगा कर तार खींचने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम ठप कर दिया। इसके चलते बिजली से घरों के रोशन होने की लोगों की आस मद्धिम पड़ने लगी है।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना को लागू किया गया। इस योजना में उन बस्तियों को विद्युतीकरण से जोड़ना था, जो दशकों से उपेक्षित रहीं। 2015-16 में जिले के 1264 मजरों को रोशन करने के लिए शासन से 55 करोड़ रुपये आवंटित हुए। कार्यदायी संस्था एलएनटी ने काम शुरू किया। शुरुआत के दो साल तक गांवों में चिह्नित मजरों में तेजी से काम हुआ। दलित बस्ती, ब्राह्मण बस्ती, बिंद बस्ती, पाल बस्ती समेत अन्य बस्तियों में बिजली के खंभे लगने के साथ बिजली के तार भी पहुंचा गए। करीब आठ माह से काम पूरी तरह ठप है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी और कर्मचारी भी नहीं दिख रहे हैं। इससे सांसद आदर्श गांव कौलापुर, महुआरी समेत 50 से अधिक गांवों के 200 से अधिक मजरे रोशन नहीं हो सके। इसको लेकर गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। महुआरी गांव के प्रधान प्रतिनिधि शशिचंद्र मिश्र ने कहा कि गांव में विद्युतीकरण का कार्य आधा अधूरा हुआ है। जिन मजरों में काम हुआ है, वहां कनेक्शन नहीं दिया गया। काम करने वाली संस्था एलएनटी के अधिकारी कई माह से नहीं दिख रहे हैं।
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केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना को लागू किया गया। इस योजना में उन बस्तियों को विद्युतीकरण से जोड़ना था, जो दशकों से उपेक्षित रहीं। 2015-16 में जिले के 1264 मजरों को रोशन करने के लिए शासन से 55 करोड़ रुपये आवंटित हुए। कार्यदायी संस्था एलएनटी ने काम शुरू किया। शुरुआत के दो साल तक गांवों में चिह्नित मजरों में तेजी से काम हुआ। दलित बस्ती, ब्राह्मण बस्ती, बिंद बस्ती, पाल बस्ती समेत अन्य बस्तियों में बिजली के खंभे लगने के साथ बिजली के तार भी पहुंचा गए। करीब आठ माह से काम पूरी तरह ठप है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी और कर्मचारी भी नहीं दिख रहे हैं। इससे सांसद आदर्श गांव कौलापुर, महुआरी समेत 50 से अधिक गांवों के 200 से अधिक मजरे रोशन नहीं हो सके। इसको लेकर गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। महुआरी गांव के प्रधान प्रतिनिधि शशिचंद्र मिश्र ने कहा कि गांव में विद्युतीकरण का कार्य आधा अधूरा हुआ है। जिन मजरों में काम हुआ है, वहां कनेक्शन नहीं दिया गया। काम करने वाली संस्था एलएनटी के अधिकारी कई माह से नहीं दिख रहे हैं।
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