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सात लाख उपभोक्ता बेआधार
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:40 AM IST
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ज्ञानपुर। नौ दिन चले अढ़ाई कोस। यह कहावत इन दिनों पूर्ति विभाग की ओर से आधार लिंक करने की व्यवस्था पर सटीक बैठ रही है। करीब एक साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी 50 फीसदी यूनिट को आधार से लिंक नहीं किया जा सका। 11 लाख 71 हजार यूनिट में अब तक मात्र पांच लाख 50 हजार यूनिट को जोड़ा गया। 31 मार्च तक सभी को आधार से लिंक करना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होता जा रहा है, हालांकि विभाग का दावा है कि प्रतिदिन चार से पांच हजार यूनिट को आधार से जोड़कर इसे पूरा किया जाएगा।
ग्रामीण से लेकर नगरीय इलाकों में रहने वाले गरीबों को सस्ते दर पर राशन मुहैया कराने के लिए कोटे की दुकान संचालित हैं। जिले के 561 गावों में 735 राशन वितरण की दुकाने हैं। जिनमें बीपीएल और एपीएल के करीब तीन लाख से अधिक राशन कार्डधारक हैं। अनाज वितरण में व्यापक स्तर से उठने वाली धांधली को रोकने के लिए इसे आधार से लिंक कराया जा रहा है। करीब एक साल से भी अधिक समय गुजरने के बाद भी आधे से कम राशन कार्ड आधार से जुड़ सके जबकि दो माह में 50 फीसदी से अधिक यूनिट को आधार से लिंक करना है। विभागीय आंकड़ो पर गौर किया जाए तो जिले में 11 लाख 71 हजार यूनिट को आधार से जोड़ना है, जिसमें अब तक साढ़े पांच लाख यूनिट जोड़ा गया। 31 मार्च 2018 तक करीब सात लाख से अधिक यूनिट को जोड़ना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय ने कहा कि पहले मुखिया का नाम जोड़ने की बात कही गई थी जिसे बाद में प्रत्येक यूनिट को आधार से लिंक करने के लिए कहा गया। तीनों तहसीलों में तेजी से काम चल रहा है। मार्च तक सभी को आधार से लिंक कर लिया जाएगा।
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ग्रामीण से लेकर नगरीय इलाकों में रहने वाले गरीबों को सस्ते दर पर राशन मुहैया कराने के लिए कोटे की दुकान संचालित हैं। जिले के 561 गावों में 735 राशन वितरण की दुकाने हैं। जिनमें बीपीएल और एपीएल के करीब तीन लाख से अधिक राशन कार्डधारक हैं। अनाज वितरण में व्यापक स्तर से उठने वाली धांधली को रोकने के लिए इसे आधार से लिंक कराया जा रहा है। करीब एक साल से भी अधिक समय गुजरने के बाद भी आधे से कम राशन कार्ड आधार से जुड़ सके जबकि दो माह में 50 फीसदी से अधिक यूनिट को आधार से लिंक करना है। विभागीय आंकड़ो पर गौर किया जाए तो जिले में 11 लाख 71 हजार यूनिट को आधार से जोड़ना है, जिसमें अब तक साढ़े पांच लाख यूनिट जोड़ा गया। 31 मार्च 2018 तक करीब सात लाख से अधिक यूनिट को जोड़ना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय ने कहा कि पहले मुखिया का नाम जोड़ने की बात कही गई थी जिसे बाद में प्रत्येक यूनिट को आधार से लिंक करने के लिए कहा गया। तीनों तहसीलों में तेजी से काम चल रहा है। मार्च तक सभी को आधार से लिंक कर लिया जाएगा।
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