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‘भ्रष्टाचार’ की पाइप लाइन में एक्सईएन समेत तीन और अभियंता सस्पेंड
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। वर्ष 2009-10 में जेएनएनयूआरएम के तहत 518 करोड़ की लागत से शुरू हुई पेयजल परियोजना के आठ साल बाद भी जनोपयोगी न बन पाने के मामले में शनिवार को पहली बड़ी कार्रवाई हुई। बार-बार हिदायत के बाद भी पेयजल योजना का काम पूरा नहीं होने पर जलनिगम के एक्सईएन एके सिंह समेत तीन और अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को यहां आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने मंडलायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक और वरुणा पार इलाके के निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही, सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
नगर विकास मंत्री ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक के दौरान इसी मामले में एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को निलंबित किया था। भ्रष्टाचार और मानक-गुणवत्ता की अनदेखी के शिकायतों से घिरी इस पेयजल परियोजना में इस बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों से अभियंताओं तक हड़कंप मच गया है। वर्ष 2009-10 में 518 करोड़ की लागत से 694 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाए जाने और 42 ओवरहेड टैंकों के निर्माण की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2012 में यह पेयजल योजना पूरी होनी थी लेकिन अब तक काम आधा-अधूरा पड़ा है। मानक और गुणवत्ता की अनदेखी के चलते बिछाई गई पाइप लाइन और बनाए गए ओवरहेड टैंक टेस्टिंग में फेल हो जा रहे हैं। पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि जिन अभियंताओं की निगरानी में यह पाइप लाइन बिछाई गई और ओवरहेड टैंक बनाए गए, उन्हें वाराणसी से संबद्ध किया जाए और उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए जहां जो भी गड़बडि़यां हैं उन्हीं से दुरुस्त कराया जाए। बावजूद इसके काम में तेजी न लाए जाने और गड़बडि़यों को दुरुस्त कराने में शिथिलता पर नगर विकास मंत्री ने एक्सईएन एके सिंह, एई अनूप सिंह, जेई शशिकांत मौर्या को निलंबित करने का निर्देश दिया है। कार्यदायी संस्था जल निगम को हिदायत दी कि गर्मी से पहले ओवरहेड टैंक और पेयजल पाइप लाइन हर हाल में दुरुस्त कराई जाए और घरों तक साफ पानी पहुंचाया जाए।
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नगर विकास मंत्री ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक के दौरान इसी मामले में एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को निलंबित किया था। भ्रष्टाचार और मानक-गुणवत्ता की अनदेखी के शिकायतों से घिरी इस पेयजल परियोजना में इस बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों से अभियंताओं तक हड़कंप मच गया है। वर्ष 2009-10 में 518 करोड़ की लागत से 694 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाए जाने और 42 ओवरहेड टैंकों के निर्माण की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2012 में यह पेयजल योजना पूरी होनी थी लेकिन अब तक काम आधा-अधूरा पड़ा है। मानक और गुणवत्ता की अनदेखी के चलते बिछाई गई पाइप लाइन और बनाए गए ओवरहेड टैंक टेस्टिंग में फेल हो जा रहे हैं। पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि जिन अभियंताओं की निगरानी में यह पाइप लाइन बिछाई गई और ओवरहेड टैंक बनाए गए, उन्हें वाराणसी से संबद्ध किया जाए और उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए जहां जो भी गड़बडि़यां हैं उन्हीं से दुरुस्त कराया जाए। बावजूद इसके काम में तेजी न लाए जाने और गड़बडि़यों को दुरुस्त कराने में शिथिलता पर नगर विकास मंत्री ने एक्सईएन एके सिंह, एई अनूप सिंह, जेई शशिकांत मौर्या को निलंबित करने का निर्देश दिया है। कार्यदायी संस्था जल निगम को हिदायत दी कि गर्मी से पहले ओवरहेड टैंक और पेयजल पाइप लाइन हर हाल में दुरुस्त कराई जाए और घरों तक साफ पानी पहुंचाया जाए।
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