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अति पिछड़ों-दलितों को जो हक-सम्मान चाहिए था वो नहीं मिला
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:52 AM IST
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वाराणसी। भारतीय समाज पार्टी (सुहेलदेव) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को जो हक और सम्मान मिलना चाहिए, वो नहीं मिला है। पिछड़ा वर्ग में कई जातियां ऐसी हैं, जो सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। एमपी, एमएलए की पेंशन बंद कर उस धन को गरीबों, बच्चियों, दिव्यांगों की शिक्षा पर खर्च करना चाहिए।
छोटी कटिंग मैदान पर आयोजित रैली में करीब 40 मिनट के संबोधन में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि थानों पर सामान्य वर्ग के लोगों को थानेदार बनाया गया है। पिछड़ों और दलितों को भी बराबर हिस्सेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मसला उठाया। कहा कि इच्छाशक्ति का अभाव है, नहीं तो इस समस्या का समाधान कठिन नहीं है। निजी और कान्वेंट स्कूलों में कम पैसों पर पढ़ा रहे शिक्षकों को पांच हजार रुपये मानदेय देकर सरकारी स्कूलों में सेवा ली जा सकती है। ये प्रस्ताव सरकार को दिया गया है। पार्टी के प्रदेश के प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर, विधायक कैलाशनाथ सोनकर, त्रिवेणी राम, रामानंद बौद्ध, राष्ट्रीय प्रवक्ता राणा अजित प्रताप सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
रैली में भीड़ जुटाकर भाजपा को दिया संदेश
वाराणसी। भाजपा की सहयोगी भारतीय समाज पार्टी (सुहेलदेव) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सुहेलदेव जयंती के बहाने कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। रैली के निहितार्थ निकालने में जुटे सियासी दिग्गजों का मानना है कि भासपा (सुहेलदेव) ने लोकसभा चुनाव से पहले रैली के जरिए भाजपा को न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई है बल्कि उसको कमतर न आंकने का संदेश देने की भी कोशिश की है। सूत्रों की मानें तो पिछले महीनों में कई मौके आए जब सरकार ने भासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की मांग को तवज्जो नहीं दी। सरकार में साझीदार होने के बावजूद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भी उपेक्षा की शिकायतें रही हैं। वहीं, भाजपा राजभरों का वोट बैंक साधने के लिए राज्य मंत्री अनिल राजभर को आगे बढ़ा रही है। बीते बीस जनवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली का प्रभारी भी अनिल राजभर को बनाया गया था।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो भासपा (सुहेलदेव) आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम पांच सीटें चाहती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के तहत भासपा को आठ सीटें दी थीं। इनमें चार सीटों पर भासपा जीती जबकि अन्य चार सीटों पर उसके उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे थे। पार्टी ने अब लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर इस तरह की रैली आयोजित करने की तैयारी की है।
वाराणसी और गाजीपुर में दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि दिव्यांगजनों के शिक्षा विस्तार के लिए वाराणसी और गाजीपुर में विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव शासन को दिया गया है। शीघ्र ही इस सपने के पूरा होने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो प्रदेश के दिव्यांगों के लिए यह इलाका तीर्थस्थल साबित होगा। कहा कि पहली बार दिव्यांगजन विकास के पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। उनको नौकरियों में कोटा देने, ऋृण 25 हजार से 50 हजार करने के साथ ही नि:शुल्क इलाज के इंतजाम किए गए हैं। कोचिंग सेंटर में दलित एवं पिछड़े नौजवानों को नि:शुल्क कोचिंग देने की व्यवस्था की जा रही है। कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को प्रस्ताव भेजकर आरक्षण में वर्गीकरण का अनुरोध किया है। अति पिछड़, अति दलित और वंचित गरीब समाज के लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की सिफारिश की है। इस पर अमल होते ही पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण में से अति पिछड़ा और अति दलित वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलने लगेगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता अजित प्रताप सिंह ने कहा कि पार्टी का मानना है कि जब तक गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान, अति पिछड़ा, दलित समाज के लोग खुशहाल नहीं होंगे तब तक समृद्ध भारत के संकल्पना को पूरा नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिक यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र राजभर, राष्ट्रीय सचिव शक्ति सिंह, अरुण राजभर, डॉ. संतोष पांडेय ने भी रैली को संबोधित किया। डॉ. बलिराज राजभर ने अध्यक्षता एवं प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने संचालन किया। पार्टी ने रैली में करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया।
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छोटी कटिंग मैदान पर आयोजित रैली में करीब 40 मिनट के संबोधन में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि थानों पर सामान्य वर्ग के लोगों को थानेदार बनाया गया है। पिछड़ों और दलितों को भी बराबर हिस्सेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मसला उठाया। कहा कि इच्छाशक्ति का अभाव है, नहीं तो इस समस्या का समाधान कठिन नहीं है। निजी और कान्वेंट स्कूलों में कम पैसों पर पढ़ा रहे शिक्षकों को पांच हजार रुपये मानदेय देकर सरकारी स्कूलों में सेवा ली जा सकती है। ये प्रस्ताव सरकार को दिया गया है। पार्टी के प्रदेश के प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर, विधायक कैलाशनाथ सोनकर, त्रिवेणी राम, रामानंद बौद्ध, राष्ट्रीय प्रवक्ता राणा अजित प्रताप सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
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रैली में भीड़ जुटाकर भाजपा को दिया संदेश
वाराणसी। भाजपा की सहयोगी भारतीय समाज पार्टी (सुहेलदेव) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सुहेलदेव जयंती के बहाने कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। रैली के निहितार्थ निकालने में जुटे सियासी दिग्गजों का मानना है कि भासपा (सुहेलदेव) ने लोकसभा चुनाव से पहले रैली के जरिए भाजपा को न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई है बल्कि उसको कमतर न आंकने का संदेश देने की भी कोशिश की है। सूत्रों की मानें तो पिछले महीनों में कई मौके आए जब सरकार ने भासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की मांग को तवज्जो नहीं दी। सरकार में साझीदार होने के बावजूद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भी उपेक्षा की शिकायतें रही हैं। वहीं, भाजपा राजभरों का वोट बैंक साधने के लिए राज्य मंत्री अनिल राजभर को आगे बढ़ा रही है। बीते बीस जनवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली का प्रभारी भी अनिल राजभर को बनाया गया था।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो भासपा (सुहेलदेव) आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम पांच सीटें चाहती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के तहत भासपा को आठ सीटें दी थीं। इनमें चार सीटों पर भासपा जीती जबकि अन्य चार सीटों पर उसके उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे थे। पार्टी ने अब लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर इस तरह की रैली आयोजित करने की तैयारी की है।
वाराणसी और गाजीपुर में दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि दिव्यांगजनों के शिक्षा विस्तार के लिए वाराणसी और गाजीपुर में विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव शासन को दिया गया है। शीघ्र ही इस सपने के पूरा होने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो प्रदेश के दिव्यांगों के लिए यह इलाका तीर्थस्थल साबित होगा। कहा कि पहली बार दिव्यांगजन विकास के पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। उनको नौकरियों में कोटा देने, ऋृण 25 हजार से 50 हजार करने के साथ ही नि:शुल्क इलाज के इंतजाम किए गए हैं। कोचिंग सेंटर में दलित एवं पिछड़े नौजवानों को नि:शुल्क कोचिंग देने की व्यवस्था की जा रही है। कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को प्रस्ताव भेजकर आरक्षण में वर्गीकरण का अनुरोध किया है। अति पिछड़, अति दलित और वंचित गरीब समाज के लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की सिफारिश की है। इस पर अमल होते ही पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण में से अति पिछड़ा और अति दलित वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलने लगेगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता अजित प्रताप सिंह ने कहा कि पार्टी का मानना है कि जब तक गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान, अति पिछड़ा, दलित समाज के लोग खुशहाल नहीं होंगे तब तक समृद्ध भारत के संकल्पना को पूरा नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिक यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र राजभर, राष्ट्रीय सचिव शक्ति सिंह, अरुण राजभर, डॉ. संतोष पांडेय ने भी रैली को संबोधित किया। डॉ. बलिराज राजभर ने अध्यक्षता एवं प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने संचालन किया। पार्टी ने रैली में करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया।