{"_id":"5a21c6914f1c1b8d698bf23c","slug":"41512162961-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगापुर में मुश्किल रही है भाजपा की डगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगापुर में मुश्किल रही है भाजपा की डगर
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजातालाब। नगर पंचायत गंगापुर के चुनाव में भाजपा के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष पद हमेशा से टेढ़ी खीर रही है। अबकी बार अध्यक्ष पद पर भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगा कर प्रयास किया फिर भी सफल नहीं हुए। भाजपा ने यहां 6माह पहले एक प्रभारी भी नियुक्त कर दिया था। चुनाव में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, अनिल राजभर, दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, कांग्रेस विधायक लक्ष्मण आचार्य, रोहनिया के विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, मझवा की विधायक सुचिस्मिता ने दिन रात एक कर दिया था। बावजूद इसके जनता ने गले नहीं लगाया।
गंगापुर में आजादी के बाद अब तक सिर्फ एक बार 1997 में ही भाजपा ने जीत हासिल कर पाई है । तब पार्टी के प्रत्याशी छोटेलाल मोदनवाल ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। 1997 में भाजपा के प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद के साथ ही 7 वार्डों में जीत हासिल की थी। तब यहाँ की नगर पंचायत में पूर्ण बहुमत से नगर पंचायत का गठन भाजपा ने किया था। सन् 2012 के चुनाव में भी भाजपा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को 150 से भी कम वोट मिले थे। यदि देखा जाय तो 1997 के चुनाव के बाद 2012 तक भाजपा का एक भी सभासद यहां नहीं हो पाया था। सन् 2012 में गांधीनगर वार्ड से एकमात्र भाजपा प्रत्याशी बिहारीलाल सेठ ने चुनाव जीता था। गंगापुर में कांग्रेस व सपा वर्चस्व के दौड़ में आगे-पीछे रही है। 2007 से 2012 तक दिलीप सेठ एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं। 2012 से 2017 तक सपा के बिजय बहादुर यादव नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर आसीन रहे। 2002से 2007 तक सपा की गीता देवी, 1992 में लोकदल से अनिल सेठ, सन 1971 से 1991 तक नगर पंचायत गंगापुर को सरकार ने सुपर सीट घोषित किया था। इस दौरान यहां कोई पंचायत गठित नहीं हुई थी।
विज्ञापन
गंगापुर में आजादी के बाद अब तक सिर्फ एक बार 1997 में ही भाजपा ने जीत हासिल कर पाई है । तब पार्टी के प्रत्याशी छोटेलाल मोदनवाल ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। 1997 में भाजपा के प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद के साथ ही 7 वार्डों में जीत हासिल की थी। तब यहाँ की नगर पंचायत में पूर्ण बहुमत से नगर पंचायत का गठन भाजपा ने किया था। सन् 2012 के चुनाव में भी भाजपा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को 150 से भी कम वोट मिले थे। यदि देखा जाय तो 1997 के चुनाव के बाद 2012 तक भाजपा का एक भी सभासद यहां नहीं हो पाया था। सन् 2012 में गांधीनगर वार्ड से एकमात्र भाजपा प्रत्याशी बिहारीलाल सेठ ने चुनाव जीता था। गंगापुर में कांग्रेस व सपा वर्चस्व के दौड़ में आगे-पीछे रही है। 2007 से 2012 तक दिलीप सेठ एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं। 2012 से 2017 तक सपा के बिजय बहादुर यादव नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर आसीन रहे। 2002से 2007 तक सपा की गीता देवी, 1992 में लोकदल से अनिल सेठ, सन 1971 से 1991 तक नगर पंचायत गंगापुर को सरकार ने सुपर सीट घोषित किया था। इस दौरान यहां कोई पंचायत गठित नहीं हुई थी।
विज्ञापन