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छापे में 20 करोड़ की कर चोरी का खुलासा
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:06 AM IST
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वाराणसी। शहर के सीमेंट-स्टील, कोयला के कारोबार से जुड़े व्यवसायी विपिन और संजीव अग्रवाल के प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और आवासों पर सर्च एंड सीजर की कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी पकड़ी है। कारोबारी के आठ कार्यालयों के अलावा छह बैंकों के लॉकर और खाते सीज कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 150 से अधिक शेल कंपनियां बनाकर निवेश किया गया और कारोबार में घाटा दिखाकर कर चोरी की गई। शेल कंपनियों की संपत्तियां बेनामी घोषित कर जब्त की जाएंगी।
पूर्वांचल से बिहार समेत कई प्रांतों तक फैले अग्रवाल समूह के 21 ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई में कई अहम जानकारियां आयकर महकमे के हाथ लगी हैं। सीमेंट, कोयला, स्टील और सॉल्वेंट के कारोबार से जुड़े समूह के प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर कार्रवाई शनिवार की शाम पूरी कर ली गई थी लेकिन जवाहर नगर, दुर्गाकुंड और लंका स्थित आवासों पर कार्रवाई रविवार की शाम चार बजे तक चली। तकरीबन 56 घंटे तक चली छापेमारी के बाद बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ।
अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर ने बताया कि शुरुआती छानबीन में 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी गई है। कारोबारियों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। अग्रवाल समूह से जुड़े प्रबंधन ने 150 से ज्यादा शेल कंपनियों (मुखौटा या बोगस कंपनी) के करोड़ों रुपये के शेयर खरीदे हैं और खुद के पैसे को अपने कर्मचारियों, चालकोें के नाम पर दिखाया है। साथ ही, इन शेल कंपनियों के माध्यम से आयकर रिटर्न में कम आय दिखाकर कर चोरी की गई।
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कोलकाता के जिस पते पर कंपनियों का पंजीकृत होना बताया गया था, वहां जांच में कंपनियां फर्जी निकलीं। शेल कंपनियों की संपत्तियां बेनामी घोषित कर जब्त की जाएंगी। खरीद-बिक्री के स्टॉक रजिस्टर, अभिलेखों, कंप्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप, जमीन की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों के साथ ही कारोबारी के सीए के यहां से मिले अहम कागजात जब्त किए गए हैं। कई अभिलेखों में कर चोरी की मंशा से छेड़छाड़ भी पकड़ में आई है। जब्त किए गए दस्तावेजों और इनकम टैक्स रिटर्न की विस्तृत छानबीन जारी है।
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पूर्वांचल से बिहार समेत कई प्रांतों तक फैले अग्रवाल समूह के 21 ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई में कई अहम जानकारियां आयकर महकमे के हाथ लगी हैं। सीमेंट, कोयला, स्टील और सॉल्वेंट के कारोबार से जुड़े समूह के प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर कार्रवाई शनिवार की शाम पूरी कर ली गई थी लेकिन जवाहर नगर, दुर्गाकुंड और लंका स्थित आवासों पर कार्रवाई रविवार की शाम चार बजे तक चली। तकरीबन 56 घंटे तक चली छापेमारी के बाद बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ।
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अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर ने बताया कि शुरुआती छानबीन में 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी गई है। कारोबारियों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। अग्रवाल समूह से जुड़े प्रबंधन ने 150 से ज्यादा शेल कंपनियों (मुखौटा या बोगस कंपनी) के करोड़ों रुपये के शेयर खरीदे हैं और खुद के पैसे को अपने कर्मचारियों, चालकोें के नाम पर दिखाया है। साथ ही, इन शेल कंपनियों के माध्यम से आयकर रिटर्न में कम आय दिखाकर कर चोरी की गई।
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कोलकाता के जिस पते पर कंपनियों का पंजीकृत होना बताया गया था, वहां जांच में कंपनियां फर्जी निकलीं। शेल कंपनियों की संपत्तियां बेनामी घोषित कर जब्त की जाएंगी। खरीद-बिक्री के स्टॉक रजिस्टर, अभिलेखों, कंप्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप, जमीन की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों के साथ ही कारोबारी के सीए के यहां से मिले अहम कागजात जब्त किए गए हैं। कई अभिलेखों में कर चोरी की मंशा से छेड़छाड़ भी पकड़ में आई है। जब्त किए गए दस्तावेजों और इनकम टैक्स रिटर्न की विस्तृत छानबीन जारी है।