वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण में बढ़ जाएगा 40 करोड़ का बजट, जानिए क्या है वजह
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए 345 करोड़ का बजट स्वीकृत है। वहीं, गंगा की ओर भव्य गेट बनाया जाएगा, जिस वजह से 40 करोड़ का बजट बढ़ जाएगा।
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गंगधार को श्री काशी विश्वनाथ धाम से एकाकार करने के लिए बन रहे काशी विश्वनाथ धाम परियोजना का बजट 40 करोड़ रुपये तक बढ़ जाएगा। लखनऊ में अलग-अलग चरणों में दो दिन की बैठक के बाद डिजाइन में बदलाव पर लंबी चर्चा कर उस पर सहमति दी गई। अगले सप्ताह तक परियोजना के संचालन पर भी अंतिम निर्णय की उम्मीद है। गंगा छोर पर गेट, रैंप भवन, कैफेटेरिया और दोनों पर ही गंगा दर्शन गैलरी के निर्माण के चलते बजट में बढ़ोतरी की गई है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए 345 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रख परियोजना में कई संशोधन किए गए। इसमें नए पहलु भी जोड़े गए हैं। इसके तहत काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की डीपीआर में सड़क छोर पर भव्य गेट दिया गया था, लेकिन गंगा की ओर इसका प्रविधान नहीं था।
परियोजना का खास आकर्षण गंगा की ओर ही होगा, ऐसे में इस तरफ भी भव्य गेट बनाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गंगा गैलरी के निर्माण से 40 करोड़ रुपये तक के बजट बढ़ोतरी का आंकलन किया गया है। गुरुवार को शासन में हुई बैठक में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए और डिजाइन बदलाव के बिंदुओं पर सहमति दी गई। मंडलायुक्त ने बताया कि फर्नीचर खरीद, सुरक्षा और भवनों के संचालन पर बैठक में चर्चा की गई है। फर्नीचर खरीद के लिए नौ करोड़ और सुरक्षा पर पांच करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
भवनों के संचालन के लिए नियुक्त होगा सलाहकार
काशी विश्वनाथ धाम में बन रहे 24 भवनों के संचालन के लिए शासन ने सलाहकार नियुक्त करने का निर्देश दिया है। कंसलटेंट भवनों के रेवेन्यू मॉडल पर मंदिर प्रशासन को सलाह देगा। भवनों को आय से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का सहारा लिया जाएगा। मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के जरिए संचालित करने की भी सलाह दी गई है। हालांकि प्रशासन कंसलटेंट के लिए अगले सप्ताह तक निविदा जारी कर सकता है। उधर, भवनों के संचालन पर भी शासन स्तर से अगले सप्ताह तक निर्णय की उम्मीद है।