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Varanasi News: नौ साल में बने 3,46,955 शौचालय, कहीं टंकियां ध्वस्त तो कहीं दरवाजे हुए गायब

Mon, 25 Dec 2023 01:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2023 01:10 AM IST
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3,46,955 toilets built in nine years, at some places tanks collapsed and at some places doors went missing
मिर्जापुर। खुले में शौच से मुक्त जिले में स्वच्छ भारत अभियान अब दम तोड़ता नजर आ रहा है। नौ साल में तीन लाख से ज्यादा शौचालय बनाए गए। इनमें से कहीं टंकियां धस्स्त हो गईं है तो कहीं दरवाजे गायब हो गए हैं। मजबूरी में लोग खुले में शौच जा रहे हैं। पहले की तरह गांवों में अब कोई जागरूकता नहीं देखी जा रही है। न ही कोई निगरानी समितियां ही नजर आ रही हैं। अभियान को गति देने वाले स्वच्छताग्राही भी नजर नहीं आ रहे हैं।
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सिटी, पहाड़ी, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर, जमालपुर, राजगढ़, पटेहरा, लालगंज, हलिया व छानबे विकास खंड के कुल 809 ग्राम पंचायतों में 2014 से 2023 के नौ सालों के सफर में जिले में 3,46,955 व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 809 में 802 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। कुछ ग्राम पंचायत को छोड़कर अधिकांश सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका रहता है। इतने के बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों में ग्रामीण खुले में शौंच जाने को विवश हैं। जबकि सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए केयर टेकर रखे जाने के साथ ही रख-रखाव के नाम पर नौ हजार रुपये प्रतिमाह खर्च किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय से से सटे सिटी विकास खंड के चेरुईराम, अघौली, मिश्रलहौली, खजुरी, महेंवा, धनीपट्टी, लच्छापट्टी, कुरकुठियां पांडेय, पथरा दशौंधी, मुल्हवा, अघवार, कतरन, भटौली, जिउती, बढ़ौली, हरिहरपुर बेदौली, अर्जुनपुर आदि गांवों की दशा तो मौके पर पहुंचकर देखा जा सकता है। कई ग्राम पंचायत में पूर्व में बने व्यक्तिगत शौचालय निष्प्रायोज्य हो चुके हैं। किसी के टंकी पट गए हैं तो किसी के दरवाजे और प्याले तक गायब हैं। सामुदायिक शौचायल बने भी हैं तो बस्ती से दूर होने के चलते लोग उसका प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। चेरुईराम, हरिहरपुर बेदौली में तो सामुदायिक शौचालय पर ग्रामीणों का बाकायदा कब्जा है। जिसमें उपली और लकड़ी तक रखे हुए हैं। वर्तमान एडीओ पंचायत के संबंधित पूर्व ग्राम प्रधानों को नोटिस तक दिया गया है।
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सीखड़ जिले का पहला ओडीएफ ब्लाक, दाम तोड़ रही स्वच्छता अभियान
सीखड़। करीब नौ वर्ष पहले जिले के सीखड़ ब्लाक को सबसे पहले खुले में शौचमुक्त किया गया था। गांव में आज भी महिलाएं, पुरुष हाथ में लोटा लेकर खेतों और सिवानों की ओर खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। क्षेत्र के छीतकपुर, रामगढ़, बगहा, खैरा, तम्मनपटी, ईश्वर पट्टी, अदलपुरा, सुरसी, आराजी लाइन सुल्तानपुर, खानपुर, मगरहा, सोनबरसा, केलाबेला, मेड़िया आदि गांव में लोग खुलों में शौच करते देखे जा सकते हैं। कई लाभार्थी ऐसे भी हैं जिन्होंने प्रोत्साहन राशि लेकर शौचालय का निर्माण तो कर लिया लेकिन उसका प्रयोग करने के बजाय भूंसा, उपली और लकड़ियां रखने में कर रहे हैं। सीखड़ विकास खंड में लगभग 16 हजार व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराया गया है।
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प्रत्येक गरीब परिवारों के जीर्णशीर्ण व्यक्तिगत शौचालयों के मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए पंचायत सहायकों के माध्यम से सर्वे का काम पूरा करा लिया गया है। बजट उपलब्ध हो गया है शीघ्र ही मरम्मत का कार्य शुरु करा दिया जाएगा। -प्रदीप कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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