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बौद्ध दल ने धमेख स्तूप का दर्शन
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सारनाथ। दर्शन पूजन के लिए वियतनाम के 200 से अधिक बौद्ध अनुयायी शुक्रवार को सारनाथ पहुंचे। भंते हेमरत्न की दिशा निर्देशन में पूरे दल ने धमेख स्तूप के पास आसन लगाकर बौद्ध सूत्र पाठ व दीपदान किया। इसके बाद पवित्र धर्म स्तूप की परिक्रमा की। वहीं चढ़ावे के रूप में धमेख स्तूप के चारों तरफ रंग बिरंगे फूलों का गुलदस्ता और फल चढ़ाए।
बौद्ध धर्म के मुख्य चार स्थानों में से अपना अलग महत्व रखने वाला स्थान सारनाथ हमेशा दर्शनार्थियों से भरा रहता है। बौद्ध धर्म में विश्वास रखने वाली बौद्ध अनुयायी अपने जीवन काल में एक बार सारनाथ अवश्य आना चाहते हैं और उत्खनन खंडहर परिसर में बने धमेख स्तूप के पास बैठ पूजा अर्चना व ध्यान करते हैं। इसी क्रम में वियतनाम से भी श्रद्धालु पहुंचे जिन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान सभी श्रद्धालु धर्म के विशेष परिधान पहनकर पूजा में बैठे। भंते हेमरत्न ने बताया कि यह सूत्र पाठ विश्व कल्याण के लिए किया जा रहा है। जहां से भगवान बुद्ध पूरे विश्व को करुणा, मैत्री का संदेश दिए वहीं से यह उर्जा पूरे विश्व में शांति के लिए समर्पित के उद्देश्य यह पाठ किया गया।
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बौद्ध धर्म के मुख्य चार स्थानों में से अपना अलग महत्व रखने वाला स्थान सारनाथ हमेशा दर्शनार्थियों से भरा रहता है। बौद्ध धर्म में विश्वास रखने वाली बौद्ध अनुयायी अपने जीवन काल में एक बार सारनाथ अवश्य आना चाहते हैं और उत्खनन खंडहर परिसर में बने धमेख स्तूप के पास बैठ पूजा अर्चना व ध्यान करते हैं। इसी क्रम में वियतनाम से भी श्रद्धालु पहुंचे जिन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान सभी श्रद्धालु धर्म के विशेष परिधान पहनकर पूजा में बैठे। भंते हेमरत्न ने बताया कि यह सूत्र पाठ विश्व कल्याण के लिए किया जा रहा है। जहां से भगवान बुद्ध पूरे विश्व को करुणा, मैत्री का संदेश दिए वहीं से यह उर्जा पूरे विश्व में शांति के लिए समर्पित के उद्देश्य यह पाठ किया गया।
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