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राजभरों को गाजीपुर जाने से नहीं रोक पाई सुभासपा
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वाराणसी। तमाम प्रयास के बावजूद सुभासपा लोगों को शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाजीपुर के आरटीआई मैदान की सभा में जाने से रोक नहीं पाए। 24 दिसंबर से आरक्षण के बंटवारे की मांग को लेकर सुभासपा शास्त्री घाट पर अनशन कर रही है। शनिवार को छठे दिन अन्य दिनों की अपेक्षा यहां संख्या ज्यादा थी लेकिन दावों और कोशिश के हिसाब से यह बहुत कम रही।
अनशन स्थल पर पार्टी के प्रदेश महासचिव ने शशि प्रताप सिंह ने कहा कि 1990 में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। तब से कमजोर जातियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 169 जातियों को सरकारी व्यवस्था का लाभ बराबर मिलना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 20 महीने पहले कैबिनेट और सदन में इसके लिए आवाज बुलंद की थी लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। हमारी मांग है कि 27 फीसदी आरक्षण को तीन भागों में बांटा जाए। पिछड़ी जाति में नौ, अति पिछड़ी जाति में 65 और सर्वाधिक पिछड़ी जाति में 95 जातियां आती हैं। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत आरक्षण को 7, 9 और 11 प्रतिशत में अलग-अलग दिया जाए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष गणेश चौहान, प्रदीप राजभर, दशरथ राजभर, छोटेलाल, अर्चना उपाध्याय, लाल बहादुर, मुन्नी देवी, संजय, मृत्युंजय सिंह, संजीव राजभर आदि शामिल रहे।
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अनशन स्थल पर पार्टी के प्रदेश महासचिव ने शशि प्रताप सिंह ने कहा कि 1990 में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। तब से कमजोर जातियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 169 जातियों को सरकारी व्यवस्था का लाभ बराबर मिलना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 20 महीने पहले कैबिनेट और सदन में इसके लिए आवाज बुलंद की थी लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। हमारी मांग है कि 27 फीसदी आरक्षण को तीन भागों में बांटा जाए। पिछड़ी जाति में नौ, अति पिछड़ी जाति में 65 और सर्वाधिक पिछड़ी जाति में 95 जातियां आती हैं। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत आरक्षण को 7, 9 और 11 प्रतिशत में अलग-अलग दिया जाए।
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इस मौके पर जिलाध्यक्ष गणेश चौहान, प्रदीप राजभर, दशरथ राजभर, छोटेलाल, अर्चना उपाध्याय, लाल बहादुर, मुन्नी देवी, संजय, मृत्युंजय सिंह, संजीव राजभर आदि शामिल रहे।
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