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पंद्रह दिन में देनी होगी एंबुलेंस सेवा की रिपोर्ट
Updated Thu, 22 Nov 2018 02:11 AM IST
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वाराणसी। गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर ले जाने के लिए लगाई गई 102 नंबर की एंबुलेंस सेवा की रिपोर्ट अब हर महीने की पांच तारीख को देनी होगी। इसमें मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए लगाए गए ट्रिप सहित अन्य जानकारियां अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों से तलब की गई है। इसमें 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा के बारे में भी 15 तारीख तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। माना जा रहा है कि एंबुलेंस सेवा के संचालन में लापरवाही की शिकायत को लेकर ही यह कदम उठाया गया है।
सरकार की ओर से गर्भवती महिलाआें की सुविधा के लिए जहां 102 नंबर की एंबुलेंस सेवा है वहीं सड़क दुर्घटना सहित अन्य इमरजेंसी सेवाओं में मदद के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। सूत्रों की माने तो अस्पतालों की ओर से रिपोर्ट देने में देरी की वजह से राज्य स्तर पर रिपोर्ट भी समय से नहीं पहुंच पाती है, जिससे कि सेवाओं की मानीटरिंग हो सके। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए सिरे से सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें एंबुलेंस के लाग बुक , मरीजों को लाभ पहुंचाने, एंबुलेंस में ड्यूटी लगाए जाने के बारे में रजिस्टर पर दर्ज जानकारी आदि का सत्यापन शामिल हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से मरीजों को मिल रहे लाभ के साथ ही लापरवाही की जानकारी भी मिल सकेगी।
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सरकार की ओर से गर्भवती महिलाआें की सुविधा के लिए जहां 102 नंबर की एंबुलेंस सेवा है वहीं सड़क दुर्घटना सहित अन्य इमरजेंसी सेवाओं में मदद के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। सूत्रों की माने तो अस्पतालों की ओर से रिपोर्ट देने में देरी की वजह से राज्य स्तर पर रिपोर्ट भी समय से नहीं पहुंच पाती है, जिससे कि सेवाओं की मानीटरिंग हो सके। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए सिरे से सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें एंबुलेंस के लाग बुक , मरीजों को लाभ पहुंचाने, एंबुलेंस में ड्यूटी लगाए जाने के बारे में रजिस्टर पर दर्ज जानकारी आदि का सत्यापन शामिल हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से मरीजों को मिल रहे लाभ के साथ ही लापरवाही की जानकारी भी मिल सकेगी।
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