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कुलपति के पास पहुंचा 800 पेज का प्रत्यावेदन
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में हुई शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मामला कुलपति के पास पहुंच गया है। याचिकाकर्ताओं ने कुलपति से मुलाकात न हो पाने की वजह से कार्यालय में 800 पेज का प्रत्यावेदन रिसीव करा दिया है। इसमें नियुक्ति में अनियमितता से जुड़ी शिकायतों, आरटीआई में मिले जवाबों से जुड़े कागजात के साथ ही हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित कॉपी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि अब विश्वविद्यालय की ओर से इसका जवाब देने की तैयारी चल रही है।
शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर दाखिल अलग-अलग तीन याचिका में हाईकोर्ट ने कुलपति को 28 मई को जारी आदेश के तहत याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर दो माह के भीतर निर्णय लेने को कहा है। इसमें प्रत्यावेदन मिलने की तिथि से दो महीने का समय शुरू होने का जिक्र है। इस बीच कुलपति कार्यालय में जो प्रत्यावेदन रिसीव कराया गया है, उसमें सबसे अधिक विज्ञान संस्थान में नियुक्तियों से जुड़ी याचिका पर 500 पेज हैं। इसके अलावा पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान से जुड़ी याचिका से संबंधित 200 पेज और नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़ी एक अन्य याचिका से जुड़ा 100 पेज वाला प्रत्यावेदन शामिल हैं। इसके माध्यम से याचिकाकर्ताओं ने कुलपति से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
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शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर दाखिल अलग-अलग तीन याचिका में हाईकोर्ट ने कुलपति को 28 मई को जारी आदेश के तहत याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर दो माह के भीतर निर्णय लेने को कहा है। इसमें प्रत्यावेदन मिलने की तिथि से दो महीने का समय शुरू होने का जिक्र है। इस बीच कुलपति कार्यालय में जो प्रत्यावेदन रिसीव कराया गया है, उसमें सबसे अधिक विज्ञान संस्थान में नियुक्तियों से जुड़ी याचिका पर 500 पेज हैं। इसके अलावा पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान से जुड़ी याचिका से संबंधित 200 पेज और नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़ी एक अन्य याचिका से जुड़ा 100 पेज वाला प्रत्यावेदन शामिल हैं। इसके माध्यम से याचिकाकर्ताओं ने कुलपति से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
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