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आज की शिक्षा छात्रों को बना रही है स्वकेंद्रित 0
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि आज छात्र समाज केंद्रित न होकर स्वकेंद्रित हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्राें के समग्र विकास के लिए जरूरी है कि वे न सिर्फ सामर्थ्यवान हों अपितु उनमें अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी निर्वहन करने का भाव हो। उन्होंने कहा कि आत्मा ही आपकी दोस्त और दुश्मन दोनों हो सकती है। आत्मा में करुणा का भाव हो तो हम आत्मा को दोस्त बना सकते हैं।
केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ में आयोजित भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अधिवेशन के दूसरे दिन संवाद सत्र में उन्होंने ये बातें कहीं। एमोरी विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रो. लोब्संग तेनजिन नेगी ने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बाहरी विकास पर निर्भर है। अंतर्मन के विकास को हमने पीछे छोड़ दिया है। यही वजह है कि 12 से 17 साल के छात्र अवसाद से जूझ रहे हैं। संबलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक बेहरा ने कहा कि आधुनिक ज्ञान विज्ञान ने हमें सुविधा प्रदान की है, जबकि प्राचीन ज्ञान मनुष्य को सुखमय जीवन जीने में सक्षम बनाता है। कहा कि विद्यार्थियों में हमें एक दूसरे की संस्कृतियों का सम्मान करने और उससे बेहतर सीखने की क्षमता विकसित करनी होगी। इस सत्र की अध्यक्षता एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पीबी शर्मा ने की। वहीं दूसरे तकनीकी सत्रों में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने 2016 में संस्थान में शुरू किए गए इंडक्शन प्रोग्राम व डेवलपमेंटल स्टडीज पाठ्यक्रम से परिचित कराया। अध्यक्षता प्रो. संदीप संचेती ने किया।
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केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ में आयोजित भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अधिवेशन के दूसरे दिन संवाद सत्र में उन्होंने ये बातें कहीं। एमोरी विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रो. लोब्संग तेनजिन नेगी ने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बाहरी विकास पर निर्भर है। अंतर्मन के विकास को हमने पीछे छोड़ दिया है। यही वजह है कि 12 से 17 साल के छात्र अवसाद से जूझ रहे हैं। संबलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक बेहरा ने कहा कि आधुनिक ज्ञान विज्ञान ने हमें सुविधा प्रदान की है, जबकि प्राचीन ज्ञान मनुष्य को सुखमय जीवन जीने में सक्षम बनाता है। कहा कि विद्यार्थियों में हमें एक दूसरे की संस्कृतियों का सम्मान करने और उससे बेहतर सीखने की क्षमता विकसित करनी होगी। इस सत्र की अध्यक्षता एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पीबी शर्मा ने की। वहीं दूसरे तकनीकी सत्रों में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने 2016 में संस्थान में शुरू किए गए इंडक्शन प्रोग्राम व डेवलपमेंटल स्टडीज पाठ्यक्रम से परिचित कराया। अध्यक्षता प्रो. संदीप संचेती ने किया।
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