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जान जोखिम में डाल भर रहे फर्राटा
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:32 AM IST
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ज्ञानपुर। सड़कों पर रफ्तार के बीच जान गंवाते लोगों के आंकड़े दहशत में डालने के लिए काफी हैं। यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार वाहन चलाने से रोज हादसे हो रहे हैं, बावजूद इसके लोगों की लापरवाही थमने का नहीं ले रही है। जान जोखिम में डालकर लोग सड़कों पर फर्राटा भरते हैं। किशोरों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जिले में गुरुवार को तीन या अधिक सवारियां बैठाकर, बिना हेलमेट लगाए और मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चलते जगह-जगह लोग नजर आए। सड़कों पर यातायात नियमों को तोड़ कर और अपनी जान की परवाह किए बिना फर्राटा भरते ऐसे दृश्य रोज दिखते हैं। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे यातायात सुरक्षा सप्ताह में भी यातायात नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है। दो दिन की तेजी के बाद सुरक्षित यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर अब पुलिस की सक्रियता भी कम हो गई है। यही वजह है कि ज्यादातर स्थानों पर वाहन चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति ही हुई।
यातायात सप्ताह के दौरान लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने को लेकर भी पर्याप्त कार्यक्रम नहीं हो रहे जबकि असावधानी के कारण गत वर्ष बाइक सवारों की मौत का आंकड़ा सहमा देने वाला है। 2017 में जिले में बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर बाइक पर चलने के दौरान 31 बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। इनमें बिना हेलमेट के 20 तीन सवारियां बैठाकर चलने के चक्कर में जान गंवाने वालों में 11 लोग शामिल हैं। हेलमेट न लगाकर बाइक चलाने के कारण इस बार के अभियान में लगभग 120 वाहनों का चालान किया। इसी तरह तीन सवारी में भी चालान किया गया। कई वाहनों को सीज भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर यातायात के नियमों का समुचित पालन होता नहीं दिख रहा।
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जिले में गुरुवार को तीन या अधिक सवारियां बैठाकर, बिना हेलमेट लगाए और मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चलते जगह-जगह लोग नजर आए। सड़कों पर यातायात नियमों को तोड़ कर और अपनी जान की परवाह किए बिना फर्राटा भरते ऐसे दृश्य रोज दिखते हैं। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे यातायात सुरक्षा सप्ताह में भी यातायात नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है। दो दिन की तेजी के बाद सुरक्षित यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर अब पुलिस की सक्रियता भी कम हो गई है। यही वजह है कि ज्यादातर स्थानों पर वाहन चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति ही हुई।
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यातायात सप्ताह के दौरान लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने को लेकर भी पर्याप्त कार्यक्रम नहीं हो रहे जबकि असावधानी के कारण गत वर्ष बाइक सवारों की मौत का आंकड़ा सहमा देने वाला है। 2017 में जिले में बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर बाइक पर चलने के दौरान 31 बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। इनमें बिना हेलमेट के 20 तीन सवारियां बैठाकर चलने के चक्कर में जान गंवाने वालों में 11 लोग शामिल हैं। हेलमेट न लगाकर बाइक चलाने के कारण इस बार के अभियान में लगभग 120 वाहनों का चालान किया। इसी तरह तीन सवारी में भी चालान किया गया। कई वाहनों को सीज भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर यातायात के नियमों का समुचित पालन होता नहीं दिख रहा।
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