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जलभराव, गड्ढे और कीचड़ से थमी रफ्तार
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:07 AM IST
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वाराणसी। लगातार बारिश से बदहाल शहर की अधिकतर सड़कें पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई हैं। गड्ढे, जलभराव और कीचड़-फिसलन से मंगलवार को कई स्थानों पर वाहनों के पहिए थम गए। पैदल चलना भी दुश्वार हो गया। जगह-जगह घंटों जाम की मुसीबत झेलनी पड़ी। जलनिकासी के इंतजाम ध्वस्त होने से सड़कें तो डूबीं ही, कई कॉलोनियों-मुहल्लों में भी जलभराव से सांसत हुई। घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की एकबारगी फिर कलई खुल गई। जगह-जगह नाले-नालियाें और सीवर के ओवरफ्लो करने से जलभराव के बीच गंदगी और बदबू से भी लोग परेशान हुए।
दिन-रात, लगातार, कभी रिमझिम तो कहीं जोरदार बारिश से एक तरफ गर्मी-उमस से राहत मिली है लेकिन जलभराव, कीचड़-फिसलन की दुश्वारियाें से पार पाना मुश्किल हो गया है। मंगलवार को झमाझम बारिश के बाद कहीं सड़कें-पटरियां तो मुहल्लों-कॉलोनियों में पानी लबालब भरा नजर आया। पानी में डूबी सड़कों के गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाने से कई वाहन सवार और राहगीर फिसलकर चोटहिल हुए। मंडुवाडीह चौराहे पर जलभराव के बीच कई वाहन फंसे। वहीं महमूरगंज और कैंट में सड़क पर आरओबी-फ्लाईओवर निर्माण के चलते हालात इतनी नारकीय हो गई कि पैदल चलना मुश्किल था। गड्ढों में हिचकोले खाते वाहन किसी तरह रेंगते हुए आ-जा रहे थे। फिसलन इतनी थी कि दो पहिया वाहन चलाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। रथयात्रा, मंडुवाडीह, लहरतारा, मलदहिया, लहुराबीर, बजरडीहा, तेलियाबाग, चौक, मैदागिन, लक्सा, लंका, अस्सी आदि क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव-कीचड़ के चलते यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम से जूझना पड़ा। रेलवे की कॉलोनियों के अलावा चंदुआ छित्तूपुर, सिगरा, लहरतारा के पीछे कॉलोनी, मलदहिया चौराहा, संपूर्णानंद के आसपास की कॉलोनियों में लोग जलभराव से जूझते नजर आए। जल निकासी के लिए 275 करोड़ रुपये की लागत से 68 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन लेवलिंग सही न होने से बहाव के लिए फ्लो नहीं बन रहा। इससे जलनिकासी नही हो पा रही है। वहीं नगर निगम की ओर से जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित मुहल्लों में भी जलनिकासी के इंतजाम नजर नहीं आए। हालांकि नगर निगम ने 40 स्थानों पर पंप लगाकर जलनिकासी का दावा किया।
चांदपुर से लहरतारा तक अराजकता
चांदपुर से लहरतारा तक फैले अस्थाई ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टरों की मनमानी कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। भारी वाहनों के चलते पहले ही पटरियां धंस गई हैं और बारिश के चलते उनमें पानी भर गया है। ट्रांसपोर्टर अब अपनी ट्रकें सड़कों पर खड़ा कर दे रहे हैं। चार लेन की सड़क पर दोनों तरफ ट्रकों के खड़े होने के बाद सिंगल लेन जितनी जगह ही बच रही है। रात में ट्रकों की अराजकता से हालात और बदतर हो जा रहे हैं।
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दूसरे सोमवार से पहले बाकी सड़कें हो जाएंगी गड्ढामुक्त
वाराणसी। सावन के पहले सोमवार को जिन सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कराया जा सका था, उन्हें अब दूसरे सोमवार से पहले दुरुस्त कराने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी को इसके लिए अभियान चलाकर सड़कें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने पहले जिन सड़कों पर गिट्टी और स्टोन डस्ट डालकर गड्ढे पाटे थे, वहां भी बारिश के बाद अब कुछ नए गड्ढे बन गए हैं। ऐसे मार्गों पर जलभराव ने कांवरियों की समस्या और बढ़ा दी है।
इलाहाबाद, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली, नरायनपुर सोनभद्र मार्ग से शहर में प्रवेश करने वाले कांवरिया के पथ अब तक खस्ताहाल हैं। बारिश के बाद गड्ढों में जलभराव से हालात और बदतर हो गए हैं। जिन जगहों पर गड्ढे भरे गए थे, वहां बारिश के बाद कई स्थानों पर फिर से सड़कें दब गई हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया ने बताया कि अगले सोमवार से पहले प्रमुख कांवरिया मार्गों के गड्ढे भर दिए जाएंगे। जहां बारिश के चलते नए गड्ढे बन गए हैं, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाएगा।
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दिन-रात, लगातार, कभी रिमझिम तो कहीं जोरदार बारिश से एक तरफ गर्मी-उमस से राहत मिली है लेकिन जलभराव, कीचड़-फिसलन की दुश्वारियाें से पार पाना मुश्किल हो गया है। मंगलवार को झमाझम बारिश के बाद कहीं सड़कें-पटरियां तो मुहल्लों-कॉलोनियों में पानी लबालब भरा नजर आया। पानी में डूबी सड़कों के गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाने से कई वाहन सवार और राहगीर फिसलकर चोटहिल हुए। मंडुवाडीह चौराहे पर जलभराव के बीच कई वाहन फंसे। वहीं महमूरगंज और कैंट में सड़क पर आरओबी-फ्लाईओवर निर्माण के चलते हालात इतनी नारकीय हो गई कि पैदल चलना मुश्किल था। गड्ढों में हिचकोले खाते वाहन किसी तरह रेंगते हुए आ-जा रहे थे। फिसलन इतनी थी कि दो पहिया वाहन चलाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। रथयात्रा, मंडुवाडीह, लहरतारा, मलदहिया, लहुराबीर, बजरडीहा, तेलियाबाग, चौक, मैदागिन, लक्सा, लंका, अस्सी आदि क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव-कीचड़ के चलते यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम से जूझना पड़ा। रेलवे की कॉलोनियों के अलावा चंदुआ छित्तूपुर, सिगरा, लहरतारा के पीछे कॉलोनी, मलदहिया चौराहा, संपूर्णानंद के आसपास की कॉलोनियों में लोग जलभराव से जूझते नजर आए। जल निकासी के लिए 275 करोड़ रुपये की लागत से 68 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन लेवलिंग सही न होने से बहाव के लिए फ्लो नहीं बन रहा। इससे जलनिकासी नही हो पा रही है। वहीं नगर निगम की ओर से जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित मुहल्लों में भी जलनिकासी के इंतजाम नजर नहीं आए। हालांकि नगर निगम ने 40 स्थानों पर पंप लगाकर जलनिकासी का दावा किया।
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चांदपुर से लहरतारा तक अराजकता
चांदपुर से लहरतारा तक फैले अस्थाई ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टरों की मनमानी कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। भारी वाहनों के चलते पहले ही पटरियां धंस गई हैं और बारिश के चलते उनमें पानी भर गया है। ट्रांसपोर्टर अब अपनी ट्रकें सड़कों पर खड़ा कर दे रहे हैं। चार लेन की सड़क पर दोनों तरफ ट्रकों के खड़े होने के बाद सिंगल लेन जितनी जगह ही बच रही है। रात में ट्रकों की अराजकता से हालात और बदतर हो जा रहे हैं।
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दूसरे सोमवार से पहले बाकी सड़कें हो जाएंगी गड्ढामुक्त
वाराणसी। सावन के पहले सोमवार को जिन सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कराया जा सका था, उन्हें अब दूसरे सोमवार से पहले दुरुस्त कराने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी को इसके लिए अभियान चलाकर सड़कें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने पहले जिन सड़कों पर गिट्टी और स्टोन डस्ट डालकर गड्ढे पाटे थे, वहां भी बारिश के बाद अब कुछ नए गड्ढे बन गए हैं। ऐसे मार्गों पर जलभराव ने कांवरियों की समस्या और बढ़ा दी है।
इलाहाबाद, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली, नरायनपुर सोनभद्र मार्ग से शहर में प्रवेश करने वाले कांवरिया के पथ अब तक खस्ताहाल हैं। बारिश के बाद गड्ढों में जलभराव से हालात और बदतर हो गए हैं। जिन जगहों पर गड्ढे भरे गए थे, वहां बारिश के बाद कई स्थानों पर फिर से सड़कें दब गई हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया ने बताया कि अगले सोमवार से पहले प्रमुख कांवरिया मार्गों के गड्ढे भर दिए जाएंगे। जहां बारिश के चलते नए गड्ढे बन गए हैं, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाएगा।