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Varanasi News: बीएचयू में आज से एडनेट, जेनेटिक तकनीक साझा करेंगे 300 वैज्ञानिक
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- 12 देशों से पहुंच रहे ख्यात जेनेटिक एक्सपर्ट, 72 रिसर्च पेपर होंगे प्रस्तुत
- एयरपोर्ट पर शाही अंदाज में विदेशियों का स्वागत, सारनाथ भी घूमे
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में आज से जेनेटिक और फॉरेंसिक साइंस के सबसे बड़े इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एडनेट की शुरुआत हो रही है। 12 देशों के 300 से अधिक जीन वैज्ञानिक और डॉक्टर्स अपने-अपने देशों में प्रचलित तकनीक और रिसर्च साझा करेंगे। इस दौरान कुल 72 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे। आज बीएचयू के विज्ञान संकाय स्थित सेमिनार कॉम्पलेक्स में कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा।
एडनेट में शामिल होने के लिए बुधवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे विदेशी और भारतीय वैज्ञानिकों का शाही अंदाज में स्वागत किया गया। अतिथियों को तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट किया गया। इस दौरान रास्ते में कई पॉइंट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। स्विट्जरलैंड, अमेरिका, पेनिसिल्वेनिया और अन्य देशों से आए वैज्ञानिकों ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर की प्रशंसा की। सम्मेलन में शामिल होने से पहले इन्होंने सारनाथ स्थित पुरातात्विक स्थलों का दौरा किया। धर्मराजिका स्तूप, अशोक स्तंभ, और धमेख स्तूप देख गाइड से कई सवाल भी पूछे।
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सम्मेलन से पहले पहुंचे ये वैज्ञानिक
सम्मेलन के पहले दिन पहुंचे प्रमुख अतिथियों में स्विट्जरलैंड के भाषा विज्ञानी प्रो. जॉर्ज वैंड्रीम, येल विश्वविद्यालय (यूएसए) के जीनोमिक डायरेक्टर प्रो. श्रीकांत माने, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक प्रो. बीवी शर्मा, पूर्व निदेशक प्रो. वीआर राव और पेनिसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्राचीन डीएनए विशेषज्ञ डॉ. इयान मैथीसन शामिल हैं।
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आज हड़प्पा सभ्यता पर विशेष सत्र
सम्मेलन में आज हड़प्पा सभ्यता के 100 वर्षों को समर्पित एक विशेष सत्र भी आयोजित होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपनी नवीनतम खोजों और अनुसंधानों को प्रस्तुत करेंगे। राखीगढ़ी मैन प्रो. वसंत शिंदे का व्याख्यान होगा।
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- एयरपोर्ट पर शाही अंदाज में विदेशियों का स्वागत, सारनाथ भी घूमे
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में आज से जेनेटिक और फॉरेंसिक साइंस के सबसे बड़े इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एडनेट की शुरुआत हो रही है। 12 देशों के 300 से अधिक जीन वैज्ञानिक और डॉक्टर्स अपने-अपने देशों में प्रचलित तकनीक और रिसर्च साझा करेंगे। इस दौरान कुल 72 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे। आज बीएचयू के विज्ञान संकाय स्थित सेमिनार कॉम्पलेक्स में कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा।
एडनेट में शामिल होने के लिए बुधवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे विदेशी और भारतीय वैज्ञानिकों का शाही अंदाज में स्वागत किया गया। अतिथियों को तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट किया गया। इस दौरान रास्ते में कई पॉइंट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। स्विट्जरलैंड, अमेरिका, पेनिसिल्वेनिया और अन्य देशों से आए वैज्ञानिकों ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर की प्रशंसा की। सम्मेलन में शामिल होने से पहले इन्होंने सारनाथ स्थित पुरातात्विक स्थलों का दौरा किया। धर्मराजिका स्तूप, अशोक स्तंभ, और धमेख स्तूप देख गाइड से कई सवाल भी पूछे।
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सम्मेलन से पहले पहुंचे ये वैज्ञानिक
सम्मेलन के पहले दिन पहुंचे प्रमुख अतिथियों में स्विट्जरलैंड के भाषा विज्ञानी प्रो. जॉर्ज वैंड्रीम, येल विश्वविद्यालय (यूएसए) के जीनोमिक डायरेक्टर प्रो. श्रीकांत माने, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक प्रो. बीवी शर्मा, पूर्व निदेशक प्रो. वीआर राव और पेनिसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्राचीन डीएनए विशेषज्ञ डॉ. इयान मैथीसन शामिल हैं।
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आज हड़प्पा सभ्यता पर विशेष सत्र
सम्मेलन में आज हड़प्पा सभ्यता के 100 वर्षों को समर्पित एक विशेष सत्र भी आयोजित होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपनी नवीनतम खोजों और अनुसंधानों को प्रस्तुत करेंगे। राखीगढ़ी मैन प्रो. वसंत शिंदे का व्याख्यान होगा।