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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   272 prisoner will leave from jail before republic day

गणतंत्र दिवस पर 272 कैदियों की समय से पहले रिहाई संभव

Tue, 08 Jan 2019 10:46 AM IST
shubham न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shubham Updated Tue, 08 Jan 2019 10:46 AM IST
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272 prisoner will leave from jail before republic day
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2019 के गणतंत्र दिवस पर आजीवन सजा काट रहे 272 सजायाफ्ता कैदियों को रिहाई मिल सकती है। जेल में रहते हुए अच्छे चाल चलन और अपराध की गंभीरता के आधार पर इन कैदियों को दया याचिका की सूची में रखा गया है। यह सूची राज्यपाल को प्रेषित की गई है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद इन्हें 26 जनवरी को रिहा कर दिया जाएगा।
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संविधान के अनुछेद 161 के तहत सजायाफ्ता कैदियों को समय से पहले रिहाई का अधिकार राज्यपाल को है। लेकिन इसके लिए कुछ मानक तय हैं। जिसमें नरसंहार और सामूहिक हत्या जैसी जघंन्य वारदात को अंजाम देने के मामले में दोषसिद्ध बंदियों को शामिल नहीं किया गया है।
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इसी कड़ी में इस बार गणतंत्र दिवस पर दया याचिका के आधार पर समय पूर्व दोषसिद्ध कैदियों के रिहाई की कवायद चल रही है। इसमें उम्रकैद की सजा काट रहे 16 वर्ष से अधिक के सजायाफ्ता कैदियों को लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।

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इसके लिये कारागार विभाग के आदेश पर 272 दोषसिद्ध बंदियों की सूची उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए तैयार की गई है। इसमें केंद्रीय कारागार वाराणसी के 270, भदोही (ज्ञानपुर) और गाजीपुर जिला जेल में बंद एक-एक कैदी शामिल हैं।

 

ये सभी हत्या के मामले में आजीवन सजा पाये हैं और 16 वर्ष से अधिक की सजा काट चुके हैं। डीआईजी जेल वीएस यादव ने बताया कि आजीवन सजा पाये इन सभी दोषसिद्ध बंदियों की सूची राज्यपाल को भेजी गई है। 

गांधी जयंती पर इस श्रेणी के कैदी होंगे रिहा 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर विशिष्ट श्रेणी के कैदी रिहा होंगे। इसके लिए कारागार विभाग ने इस दायरे में आने वाले कैदियों की सूची तैयार करानी शुरू कर दी है। इस संबंध में मुख्यालय से सभी जेलों को पत्र भेजा गया है।

विभागीय लोगों के मुताबिक इस पत्र के साथ एक प्रोफार्मा भी भेजा है, जिसमें पात्रता की श्रेणी में आने वाले कैदियों से जुड़ी कुछ जानकारियां मांगी गई हैं। सरकार ने महात्मा गांधी की जयंती की 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कारागारों में निरुद्ध विशिष्ट श्रेणी के कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया है, लेकिन इसके लिए मानक तय किया है।

इसमें उसी महिला कैदी को इस दायरे में रखने का निर्णय लिया है, जिसकी उम्र 55 वर्ष और से अधिक हो और वह अपनी सजा आधी काट चुकी हो। इसी तरह पुरुष कैदियों को भी लाभ देने का फैसला लिया है, जिसमें उसकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो और वह आधी सजा काट लिया हो। इसके अलावा सिद्धदोष 70 फीसद दिव्यांग ऐसे कैदी भी पात्र मानें जाएंगे, जिसने आधी सजा काट लिया हो।

इसी प्रकार मेडिकल बोर्ड द्वारा मरणासन्न हालत वाले कैदियों और सीमित अवधि की सजा से दंडित ऐसे कैदी, जिसके द्वारा 66 फीसद तक की अपरिहार सजा काट ली गई हो को रिहाई के लिए पात्र माना गया है। केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक अंबरीश गौड़ ने कहा कि इस संबंध में आदेश आया है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।   
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