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UP: नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में बंधक बनाए गए बिहार-झारखंड के 250 युवक, 20 हिरासत में; 50 लाख रुपये लिए

Fri, 10 Jul 2026 05:37 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 10 Jul 2026 05:37 AM IST
सार

Varanasi News: रोहनिया क्षेत्र में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में बिहार और झारखंड के करीब 250 युवकों को कथित रूप से बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवकों को मुक्त कराया और 20 लोगों को हिरासत में लिया। मामले में करीब 50 लाख रुपये की ठगी की भी जांच की जा रही है।

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250 youths from Bihar Jharkhand held captive under guise network marketing 20 detained 50 lakh collected
वाराणसी में 20 हिरासत में। - फोटो : AI

विस्तार

UP Crime: नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर सपनों का कारोबार चल रहा था, लेकिन हकीकत में यह कथित तौर पर डर, दबाव और उगाही का जाल निकला। रोहनिया में एक तीन मंजिला मकान के हॉल में पुलिस ने छापा मारकर नेटवर्क मार्केटिंग का खेल उजागर किया। 

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पुलिस ने 250 युवकों-युवतियों को मुक्त कराया, जहां उन्हें नए सदस्य जोड़ने के लिए कथित रूप से बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। सभी से 20-20 हजार रुपये लिए गए थे। 50 लाख रुपये की उगाही हुई। पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ में जुट गई है। रोहनिया में कारोबार का संचालन एक महीने पहले शुरू हुआ।
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एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि महादेव इंटरप्राइजेज और आरएचई के नाम से नेटवर्क मार्केटिंग का संचालन हो रहा था। जांच में पता चला है कि गिरोह शैंपू, साबुन और डिटर्जेंट पाउडर जैसे उत्पादों की बिक्री की आड़ में लोगों को जोड़ रहा था। नए सदस्यों को बताया जाता था कि दो अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ने पर मोटा कमीशन और लाखों कमाने का अवसर मिलेगा। 

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इसी लालच में बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के युवक इस नेटवर्क का हिस्सा बने। सभी को 20-20 हजार रुपये लेकर जोड़ा गया। पीड़ितों ने बताया कि निर्धारित संख्या में नए सदस्य नहीं जोड़ने या नेटवर्क छोड़ने की कोशिश करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें बाहर जाने से रोका जाता और परिचितों को बुलाकर सदस्य बनाने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने वालों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप लगे।

पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से अब तक 50 लाख की वसूली की जा चुकी है। सदस्यों से अलग-अलग मदों में रकम जमा कराई जाती थी और भविष्य में भारी मुनाफे का भरोसा दिया जाता था, लेकिन अधिकांश लोगों को न तो वादा पूरा हुआ और न ही जमा राशि वापस मिली। पुलिस ने मौके से दस्तावेज, रजिस्टर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नेटवर्क संचालन से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए हैं।

मुक्त कराए गए युवकों के बयान दर्ज किए गए। अभी इसमें कितने लोग शामिल है इसकी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है, इसका विस्तार किन-किन राज्यों तक है और यह रैकेट कब से संचालित किया जा रहा था। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

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