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गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का चलाया अभियान
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वाराणसी। विश्व महिला दिवस पर शुक्रवार को तुलसी घाट पर मदर फॉर मदर द्वारा मां गंगा को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि महिला महाविद्यालय बीएचयू की प्राचार्य प्रोफेसर चंद्रकला त्रिपाठी ने विशिष्ट अतिथि आई एम एस बी एच यू की पूर्व निदेशक प्रोफेसर प्रियंवादा त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर प्रिया मैत्री ने मानो तो मैं गंगा मां हूं ना मानो ना तो बहता पानी पर भावपूर्ण नृत्य की प्रस्तुति कर सबको गंगा के प्रति सोचने के लिए मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि हम कौन सा विकास कर रहे हैं, जिसमें हम प्रकृति द्वारा मिली अनमोल नदियों पेड़ पौधों वायु और पृथ्वी को प्रदूषित करते जा रहे हैं। आज हमें विश्व महिला दिवस पर यह संकल्प खासकर महिलाओं को लेना होगा कि हम अपनी मां गंगा को प्रदूषित नहीं होने देंगे और उसे प्रदूषण मुक्त कराकर ही दम लेंगे। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि हमारे अंदर दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी है जिसके कारण आज हमारी गंगा प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पा रही हैं। अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अन्नपूर्णा शुक्ला ने कहा कि मां गंगा हमारे देश की सभ्यता और संस्कृति की पहचान है इसे हमें बचाना होगा। मदर फॉर मदर की संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा ने कहा कि मां गंगा की वेदना को सुनने के लिए और उस वेदना को दूर करने के लिए ही यह संस्था बनाई गई है और आज मदर फॉर मदर संस्था का एक वर्ष पूरा हो रहा है आज उसका वर्षगांठ भी है। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया धन्यवाद सरोजिनी महापात्रा ने किया।
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इस अवसर पर प्रिया मैत्री ने मानो तो मैं गंगा मां हूं ना मानो ना तो बहता पानी पर भावपूर्ण नृत्य की प्रस्तुति कर सबको गंगा के प्रति सोचने के लिए मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि हम कौन सा विकास कर रहे हैं, जिसमें हम प्रकृति द्वारा मिली अनमोल नदियों पेड़ पौधों वायु और पृथ्वी को प्रदूषित करते जा रहे हैं। आज हमें विश्व महिला दिवस पर यह संकल्प खासकर महिलाओं को लेना होगा कि हम अपनी मां गंगा को प्रदूषित नहीं होने देंगे और उसे प्रदूषण मुक्त कराकर ही दम लेंगे। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि हमारे अंदर दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी है जिसके कारण आज हमारी गंगा प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पा रही हैं। अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अन्नपूर्णा शुक्ला ने कहा कि मां गंगा हमारे देश की सभ्यता और संस्कृति की पहचान है इसे हमें बचाना होगा। मदर फॉर मदर की संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा ने कहा कि मां गंगा की वेदना को सुनने के लिए और उस वेदना को दूर करने के लिए ही यह संस्था बनाई गई है और आज मदर फॉर मदर संस्था का एक वर्ष पूरा हो रहा है आज उसका वर्षगांठ भी है। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया धन्यवाद सरोजिनी महापात्रा ने किया।
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