{"_id":"5bf31e20bdec2269bc7ffb07","slug":"21542659616-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु अस्त होने के बाद शुभ मुहूर्त का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु अस्त होने के बाद शुभ मुहूर्त का इंतजार
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। भगवान श्री हरि चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को शयन से जाग गए हैं। सोमवार को हरि प्रबोधिनी एकादशी से मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए हैं। सोमवार को अबुझ मुहूर्त पर कई स्थानों पर शादियों का आयोजन किया गया। हालांकि गुरु के अस्त होने के चलते मांगलिक कार्य 10 और 15 दिसंबर को ही होंगे। इसके बाद खरमास के चलते एक महीने तक फिर मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। 17 जनवरी से 14 मार्च तक विवाह के मुहूर्त हैं।
मान्यता के अनुसार हरि प्रबोधिनी एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। जो 15 दिसंबर तक चलते हैं। इसके बाद फिर मकर संक्राति से लगन की शुरूआत होती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इसलिए अधिकतर शादिया इस बार संक्रांति के बाद ही होंगी। ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि तुलसी विवाह से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं, लेकिन इस बार गुरू के अस्त होने के चलते ही मांगलिक कार्य 10 और 15 दिसंबर को ही होंगे। इसके बाद 14 जनवरी के बाद किए जाएंगे।
ये है शादियों का मुहुर्त
- जनवरी मास के विवाह मुहुर्त
17,18,22,23,25,26,27,28,29,30,31
फरवरी मास के विवाह मुहुर्त
1,3,8,9,10,13,14,19,20,21,22,25,26,28,
मार्च मास के विवाह मुहुर्त:
2,3,7,8,9,12,13,14
विज्ञापन
मान्यता के अनुसार हरि प्रबोधिनी एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। जो 15 दिसंबर तक चलते हैं। इसके बाद फिर मकर संक्राति से लगन की शुरूआत होती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इसलिए अधिकतर शादिया इस बार संक्रांति के बाद ही होंगी। ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि तुलसी विवाह से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं, लेकिन इस बार गुरू के अस्त होने के चलते ही मांगलिक कार्य 10 और 15 दिसंबर को ही होंगे। इसके बाद 14 जनवरी के बाद किए जाएंगे।
विज्ञापन
ये है शादियों का मुहुर्त
- जनवरी मास के विवाह मुहुर्त
17,18,22,23,25,26,27,28,29,30,31
फरवरी मास के विवाह मुहुर्त
1,3,8,9,10,13,14,19,20,21,22,25,26,28,
मार्च मास के विवाह मुहुर्त:
2,3,7,8,9,12,13,14