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फाइलों में न दबाएं जनता की समस्याएं
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:32 AM IST
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ज्ञानपुर। विंध्याचल के मंडलायुक्त मुरली मनोहर लाल ने बुधवार को जिले का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कलेक्ट्रेट समेत विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया और एसडीएम व तहसीलदारों की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा। इस दौरान लंबे समय से लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। कहा कि जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की बजाय फाइलों में शिकायतीपत्र दबाना ठीक नहीं है। नकल, नक्शा, खतौनी समेत सारे मामलों का तत्काल निस्तारण कराएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। इस दौरान नजारत, राजस्व अभिलेखागार, संयुक्त कार्यालय, एसडीएम न्यायालय, नकल, खतौनी, नक्शा, आयुध-शस्त्र, खसरा, मुख्य देय, विविध देय से संबंधित कर्मियों से पटलवार रूबरू होकर प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान कमियां मिलने पर उन्हें तत्काल सुधारने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने पटल सहायकों की एक-एक पुरानी पत्रावली और अभिलेखों को देखा। इसमें आईजीआरएस, निकाय, अतिक्रमण, सर्विस बुक, जीपीएफ, दैवीय आपदा, मुख्य देय, विविध देय आदि बिंदुओं से जुड़े अभिलेख देखे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय सीमा के अंदर उनका निराकरण करें। इस मौके पर इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद, अपर आयुक्त मिर्जापुर मंडल सूर्यमणि लालचंद, संयुक्त विकास आयुक्त राजीव बनकटा, एडीएम रामसिंह वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
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कमिश्नर ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। इस दौरान नजारत, राजस्व अभिलेखागार, संयुक्त कार्यालय, एसडीएम न्यायालय, नकल, खतौनी, नक्शा, आयुध-शस्त्र, खसरा, मुख्य देय, विविध देय से संबंधित कर्मियों से पटलवार रूबरू होकर प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान कमियां मिलने पर उन्हें तत्काल सुधारने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने पटल सहायकों की एक-एक पुरानी पत्रावली और अभिलेखों को देखा। इसमें आईजीआरएस, निकाय, अतिक्रमण, सर्विस बुक, जीपीएफ, दैवीय आपदा, मुख्य देय, विविध देय आदि बिंदुओं से जुड़े अभिलेख देखे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय सीमा के अंदर उनका निराकरण करें। इस मौके पर इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद, अपर आयुक्त मिर्जापुर मंडल सूर्यमणि लालचंद, संयुक्त विकास आयुक्त राजीव बनकटा, एडीएम रामसिंह वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
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